झारखंड में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर बड़ा आरोप लगा है। भाजपा ने इस सुनियोजित लूट बताया है। झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टेंडर घोटाला और तुष्टीकरण के जरिए एक साल में 11 के 11 टेंडर रांची के एक ही मुस्लिम परिवार को दिए गए हैं। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा, यह एक महज इत्तेफाक है या सुनियोजित लूट? अजय साह ने, स्वास्थ्य कल्याण मंत्री पर ‘अंसारी कल्याण मंत्री’ कहकर हमला बोला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजय साह ने बताया, मैंने इन तीन कंपनियों का इन्वेस्टिगेशन किया है। पहला- हिन्द इंफ्राटेक, दूसरा- भारत सप्लायर्स और तीसरा- ग्लोबल सप्लायर्स। अजय साह ने दावा किया कि सभी टेंडर इन्हीं तीनों कंपनियों को दिए गए हैं। इन सभी के एड्रेस पहाड़ी टोला रांची हैं। एक ही घर से तीनों कंपनियां चल रही हैं।
तीनों कंपनियों के मालिक के बारे में भी बताया। पहली कंपनी हिन्द इंफ्राटेक के दो डायरेक्टर हैं। ख्वाजा अब्दुल अहमद और ख्वाजा मोहसिन अहमद। दूसरी कंपनी भारत सप्लायर के डायरेक्टर हैं, ख्वाजा मोहसिन अहमद। यानी एक आदमी दोनों कंपनी में डायरेक्टर और प्रोपराइटर है। उसका नाम है, ख्वाजा मोहसिन अहमद। तीसरी कंपनी ख्वाजा फरहान अहमद भट्ट के नाम है। रांची के एक ही मुस्लिम परिवार को 11 के 11 टेंडर दिए गए।
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अजय साह ने बताया कि एक साल में झारखंड में कई तरह के टेंडर निकलते आए हैं। ये टेंडर खासतौर से सिविल सर्जन अलग-अलग जिलों से निकालते हैं। हमने ऐसे 11 टेंडर को चिह्नित किया है, क्योंकि इनकी जानकारी पब्लिक डोमेन में है। इरफान अंसारी के मंत्री बनने के तुरंत बाद ये खेल शुरू हुआ है। तुष्टीकरण और टेंडर घोटाला के जरिए सभी 11 टेंडर रांची के एक ही मुस्लिम परिवार को दे दिए गए हैं। प्रवक्ता शाह ने आरोप लगाया है कि पूरे राज्य में इतना बड़ा घोटाला बिना स्वास्थ्य मंत्री के संरक्षण के संभव ही नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, जेम पोर्टल के क्लॉज 29 के तहत यदि कोई व्यक्ति अलग-अलग कंपनियां बनाकर टेंडर भरता है तो उसकी सभी कंपनियां तकनीकि रूप से अयोग्य घोषित कर दी जानी चाहिए और उसकी बिड रद्द हो जानी चाहिए। लेकिन, यहां उल्टा हुआ। इन कंपनियों को न सिर्फ योग्य घोषित किया, बल्कि वर्क ऑर्डर देकर भुगतान तक कर दिया गया। अजय साह ने इसे संयोग नहीं, सुनियोजित लूट कहा है।
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