धनबादः बीजेपी सांसद ढुलू महतो को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बाघमारा के चिटाही निवासी डोमन महतो और उनके पिता कन्हाई महतो पर जानलेवा हमला करने के मामले में शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया। एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले के नामजद आरोपी धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो, अजय गोराईं, कृष्णा रविदास उर्फ विनय रविदास, बूढ़ा राय और बिटू सिंह को बरी कर दिया।
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डोमन ने ढुलू महतो, उनके समर्थक अजय गोराईं, बूढ़ा राय, कृष्णा रविदास, बिट्टू सिंह और डंपी मंडल के विरुद्ध 29 अप्रैल 2019 को शिकायत की थी, परंतु उस वक्त इस शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। दोबारा 14 फरवरी 2020 में डोमन ने उसी घटना को लेकर बरोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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मामला 29 अप्रैल 2019 का है। आरोप था कि यहां साढ़े छह बजे वह अपने पिता कन्हाई महतो के साथ रामराज मंदिर के समीप अपनी रैयती जमीन पर रोजगार के लिए बांस से दुकान बना रहे थे। इसी दौरान ढुलू अपने बॉडीगार्ड के साथ आए। दुकान बनाने से मना किया और गाली-गलौज करने लगे। सांसद ने कहा कि अगर दुकान बनाएगा तो बाप-बेटा का हाथ-पैर तोड़वा कर जान मार देंगे। शाम सात बजे ढुलू व उनके समर्थक फिर आए। अजय गोराईं ने जान मारने की नीयत से उनका गर्दन पकड़ कर गला दबा दिया। दुकान से बाहर लाकर पटक दिया। जब डोमन वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे तो बिट्टू और कृष्णा गाली देते हुए बोला- तेरा बाप ढुलू खड़ा है। कमर से बंदूक निकाल कर सिर पर तान दी। मोबाइल फोन छीन कर फेंक दिया। डोमन ने आरोप लगाया था कि ढुलू ने बोला कि सीएम तक मेरे जेब में है और उनकी दुकान को तोड़ दिया था। मेरी भाभी जब बचाव करने आई तो ढुलू के बॉडीगार्ड ने उनके साथ भी गाली-गलौज की और दुर्व्यवहार किया था। बुरे परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। अदालत में कुछ गवाहों ने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया था।




