उस्मान हादी की मौत पर सुलग उठा बांग्लादेश, अवामी लीग का दफ्तर फूंका, चार शहरों में हिंसा 

डेस्कः बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना की सत्ता के खिलाफ आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले और भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी करने वाले शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार को सिंगापुर में मौत हो गई। इंकलाब मंच के संयोजक की मौत के बाद ढाका में गुरुवार देर रात विरोध प्रदर्शन भड़क उठे और हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रथम आलो (देश के सबसे बड़े बांग्ला अखबार) और डेली स्टार के दफ्तरों पर हमला कर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने राजशाही में अवामी लीग के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया।

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हादी को पिछले हफ्ते अज्ञात बंदूकधारियों ने सिर में गोली मार दी थी, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका सिंगापुर में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की कोशिश के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादी देश के 2024 के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के एक प्रमुख युवा नेता थे।हादी की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के ढाका की सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी उतर आए। जगह-जगह आगजनी हुई। हादी की मौत के बाद प्रदर्शन ढाका से देश के अन्य हिस्सों तक फैल गया।कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने भारतीय राजनयिक परिसरों की ओर मार्च करने की कोशिश की और अवामी लीग से जुड़ी संपत्तियों पर हमले किए।

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वहीं, देश में सुलगी हिंसा को लेकर अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने ढाका में लेवल बैठक बुलाई है।बताया जा रहा है कि सिंगापुर में हादी की मौत की खबर फैलने की बाद हजारों लोग शाहबाद चौराहे पर इकट्ठे हुए। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने चौराहे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लहराते हुए अधिकारियों पर हादी की सुरक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और देखते ही देखते प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए।प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले करवान बाजार में स्थित प्रथम आलो के दफ्तर पर हमला किया, जहां प्रदर्शनकारियों ने कई मंजिलों में तोड़फोड़ की, फर्नीचर और दस्तावेज बाहर निकालकर आग लगा दी।स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई पत्रकार और कर्मचारी इमारत के अंदर फंस गए।इसके बाद उपद्रवियों ने डेली स्टार स्टार के दफ्तर पर हमला कर दिया और फिर तोड़फोड़ कर दफ्तर को आग लगा दी।

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सिंगापुर अस्पताल में कराया गया भर्ती
हादी को इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए 15 दिसंबर को बांग्लादेश से सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल (SGH) के न्यूरोसर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। ढाका में सिर में गोली लगने की घटना के कुछ दिनों बाद उन्हें एयरलिफ्ट किया गया था। 6 दिन तक चले इलाज के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।सिंगापुर के विदेश मंत्रालय (MFA) ने लिखा, SGH और नेशनल न्यूरोसाइंस इंस्टिट्यूट के डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद, हादी ने 18 दिसंबर 2025 को अपनी चोटों की वजह से दम तोड़ दिया।
ऑटो-रिक्शा में मारी गोली
हादी को 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में कल्वरट रोड पर बैटरी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा में यात्रा करते समय अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। घटना के बाद उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया और बाद में एवरकेयर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। एवरकेयर अस्पताल से नेता को बेहतर इलाज के लिए शनिवार को एयरलिफ्ट करके सिंगापुर ले जाया गया।
कौन थे शरीफ उस्मान हादी?
हादी, शेख हसीना विरोधी मंच इंकलाब मंच के सदस्य थे। साथ ही वो देश में फरवरी में होने वाले आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवार भी थे। हमले के समय वो ढाका-8 संसदीय क्षेत्र से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव प्रचार कर रहे थे।पिछले साल जुलाई में बांग्लादेश में हुए जनउभार के दौरान इंकलाब मंच चर्चा में आया था, जिसने शेख हसीना को सत्ता से हटाने का रास्ता साफ किया। इस समूह को एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में चिन्हित किया गया है और यह अवामी लीग को कमजोर करने के प्रयासों में भी आगे रहा है।उस्मान हादी का जन्म झालोकाठी जिले के नलछिटी उपजिला में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता एक मदरसा शिक्षक और स्थानीय इमाम थे। हादी 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उन्होंने अपनी औपचारिक शिक्षा की शुरुआत झालोकाठी एन. एस. कामिल मदरसा से की, जहां उन्होंने आलिम स्तर तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान विभाग में दाखिला लिया। हादी अपने पीछे पत्नी और एक बच्चे को छोड़ गए हैं।
ग्रेटर बांग्लादेश का नक्शा किया था जारी
उनके बयानों से अक्सर विवाद पैदा हो जाता था। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादी ने हाल ही में तथाकथित ग्रेटर बांग्लादेश का एक नक्शा प्रसारित किया था, जिसमें भारत के कुछ क्षेत्रों को भी शामिल दिखाया गया था।
देश में राजकीय शोक की घोषणा
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। राष्ट्र को संबोधित करते हुए मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने कहा, आज मैं आपके सामने एक बेहद दुखद खबर लेकर आया हूं। जुलाई आंदोलन के निडर योद्धा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे।यूनुस ने हादी के हत्यारों को जल्द पकड़ने का वादा किया और एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।

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