चतरा: सदर थाना क्षेत्र के नगवां मुहल्ला निवासी धनपत यादव के पुत्र तिलक यादव को गया जिला अंतर्गत बाराचट्टी प्रखंड के धनगांई थाना पुलिस ने गुरुवार देर शाम इटवां गांव के समीप चैलीखार नदी के दूसरे किनारे जंगल-झाड़ी के बीच एक घर के पास से सकुशल बरामद कर लिया। बाराचट्टी थानाध्यक्ष श्रवण राम के नेतृत्व में धनगांई थाना पुलिस और सशस्त्र सीमा बल की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। गुरुवार की शाम तिलक यादव को गयाजी जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत धनगांई थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने तिलक को इटवां गांव के समीप चैलीखार नदी के दूसरे किनारे जंगल-झाड़ी के बीच स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा था।


तीन बाइक से पहुंचे छह लोग, ऑटो चालक को जंगल के रास्ते बिहार ले गए
थानाध्यक्ष श्रवण राम ने बताया कि 13 सितंबर को तिलक यादव प्रतिदिन की तरह अपना ऑटो लेकर घर से निकला था।चतरा DC कार्यालय के समीप एक व्यक्ति यात्री बनकर ऑटो में सवार हुआ और राजपुर जाने के लिए भाड़ा तय किया।राजपुर पहुंचने के बाद उक्त व्यक्ति तिलक को मुख्य सड़क से हटाकर जंगल के रास्ते ले जाने लगा।कुछ दूर जाने के बाद तीन मोटरसाइकिल पर सवार छह लोग वहां पहुंचे और तिलक की आंख पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद सभी उसे पैदल जंगल के रास्ते बिहार की ओर ले आए।
धमनी जंगल में लावारिस मिला ऑटो
तिलक का ऑटो राजपुर थाना क्षेत्र के धमनी जंगल के आसपास लावारिस हालत में मिला था। घटना के बाद चतरा सदर SDPO सन्नी वर्धन के नेतृत्व में पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर तिलक की मौजूदगी धनगांई थाना क्षेत्र के रेवदा गांव के आसपास मिली। SDPO सन्नी वर्धन बुधवार से ही पुलिस दल-बल के साथ बाराचट्टी और धनगांई थाना क्षेत्र में कैंप कर रहे थे।

गुरुवार को अनुसंधान के दौरान तिलक का लोकेशन इटवां गांव के समीप चैलीखार नदी के दूसरे किनारे जंगल-झाड़ी के बीच एक घर के पास मिला। सूचना मिलते ही धनगांई थानाध्यक्ष श्रवण राम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तिलक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से JH 13 के 8511 नंबर का वाहन भी बरामद किया है। वाहन को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
तिलक अपहरणकांड में मनोज कुमार का नाम सामने आया
बरामद होने के बाद तिलक ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ता उससे 23 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। उसके मोबाइल से घर पर फोन कर स्वजन से रुपये की मांग भी कराई गई। तिलक ने बताया कि जान बचाने के लिए वह एक लाख रुपये देने तक को तैयार हो गया था, लेकिन अपहरणकर्ता उसकी बात मानने को तैयार नहीं थे। उसे जंगल के बीच एक स्थान पर बैठाकर रखा गया था। तिलक के अनुसार, अपहरण के दौरान पैदल चलने मे उसकी चप्पल रास्ते में ही टूट गई थी, जिससे चलने के कारण उसके पैर में दर्द हो गया है। इस कांड में धनगांई थाना क्षेत्र के पतलुका निवासी मनोज कुमार अप्राथमिकी अभियुक्त का भी नाम शामिल है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।





