अनुराग गुप्ता को छोड़ना ही होगा DGP का पद, केंद्र का पत्र हेमंत सरकार के पास पहुंचा

पूर्व DGP अनुराग गुप्ता के खिलाफ थाने में शिकायत, आपराधिक गिरोहों से सांठगांठ और करोड़ों की उगाही का आरोप

रांचीः झारखंड में डीजीपी पद को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच खींचतान जारी है। डीजीपी पद पद अनुराग गुप्ता के सेवा विस्तार को लेकर राज्य सरकार की तर्को को केंद्र ने एक सिरे से खारिज कर दिया है।

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केंद्र ने झारखंड के डीजीपी के रूप में अनुराग गुप्ता के सेवा विस्तार को खारिज कर दिया है। केंद्र के पत्र के आलोक में राज्य सरकार की ओर से भेजे गए जवाब पर केंद्र ने फिर प्रतिक्रिया देते हुए अपनी बातों को दुहराया है और राज्य सरकार को फिर से पत्र भेजा है।

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केंद्र द्वारा इस बार भेजे गए पत्र में बताया गया है कि अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल से सेवानिवृत हैं और उन्हे डीजीपी पद पर बैठाया जाना असंवैधानिक है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को फिर निर्देशित किया है कि अनुराग गुप्ता को डीजीपी के पद से हटाएं। राज्य सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति को लेकर 8 जनवरी 2025 को नया नियम बनाया और उस नियम के अनुरूप उन्हें डीजीपी के पद पर नियमित पदस्थापन करते हुए दो फरवरी से दो साल की अवधि के लिए सेवा विस्तार दे दिया।अनुराग गुप्ता का DGP के पद पर नियमित करने से लेकर अवधि विस्तार किया जाना सर्वोच्च न्यायालय के प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार के मामले में दिए गए आदेश की अवहेलना है।

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