सुनेत्रा पवार अब महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बन गई हैं। पिछले सप्ताह इस पद पर उनके पति अजित पवार थे और बुधवार को प्लेन क्रैश में उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरा महाराष्ट्र को झकझोर दिया और राजनीतिक हलचलें भी तेज हो गईं। अजित पवार की मौत के बाद उनकी फैमिली ही नहीं बल्कि लाखों समर्थक भी आहत थे। लेकिन विरासत की चर्चाएं भी तेज हो गईं कि आखिर उनके बाद कौन कमान संभालेंगे।
एनसीपी फिलहाल दो धड़ों में बंटी है और बड़ा गुट अजित पवार वाला ही है। ऐसे में नेतृत्व के सवाल का समाधान करते हुए सुनेत्रा पवार ही डिप्टी सीएम बनीं। इसके अलावा उनके बेटे पार्थ पवार को पार्टी की कमान मिल सकती है।
सुनेत्रा पवार ने बेहद भावुक माहौल में पति को श्रद्धांजलि देने के बाद शपथ ली। लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल भी करना शुरू कर दिया कि आखिर मातम के बीच वह कैसे शपथ ले सकती हैं। कांग्रेस के नेता उदित राज ने भी इस पर सवाल उठाया था।
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उनका कहना था कि कम से कम मातम के दिनों में तो शपथ समारोह से रुका जा सकता था। इस पर भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस गिद्ध राजनीति करती है। यही नहीं अब इस मसले की चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब हो रही है। कई यूजर्स ने सुनेत्रा पवार पर हमले को गलत बताया है और उनकी शपथ की तुलना पूर्व पीएम राजीव गांधी से की है।
एक यूजर ने लिखा, ‘इंदिरा गांधी को 31 अक्तूबर 1984 को सुबह 9:20 बजे गोली मारी गई थी। उन्हें दोपहर 2 बजे मृत घोषित किया गया और उसी दिन शाम को 6 बजे राजीव गांधी ने पीएम पद की शपथ ली थी।’ यही नहीं इसी दलील के साथ भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि आज जो लोग हिंदू परंपरा की बात कर रहे हैं, वे तब कहां थे। जब राजीव गांधी ने मौत वाले दिन ही शपथ ले ली थी। क्या तब हिंदू परंपराओं का अपमान नहीं हुआ था। अब सवाल है कि क्या राजीव गांधी ने सच में इंदिरा गांधी की मौत के दिन ही शपथ ले ली थी। इस बारे में पड़ताल करने पर यह तथ्य सही पाया गया है।
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