रांचीः गोड्डा के चर्चित सूर्य नारायण हांसदा के एनकाउंटर के बाद अब इस मामले पर राजनीति तेज हो गई है। डुमरी विधायक जयराम महतो के बाद अब बीजेपी के 7 बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व सूर्या हांसदा के गांव पहुंचे। अर्जुन मुंडा ने ललमटिया में सूर्या हांसदा के परिवार के लोगों से मुलाकात के बाद इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। मुंडा ने कहा कि इनके खिलाफ कई केस हुए लेकिन अंततः 14 केस में वो बरी हो गए जो फर्जी तरीके से लगा गए थे। ऐेसे लोगों की साजिश उनके साथ और उनके परिवार के साथ लगातार लगा रहा। यही कारण है कि जब भी कोई घटना होती थी इनका नाम इसमें जोड़ा जाता था।
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मुंडा ने ललमटिया थाना क्षेत्र के डकैता गांव में मीडिया से आगे बातचीत करते हुए कहा कि 27 मई को जिस दिन का एफआईआर इनके खिलाफ में होता है उस दिन ये अपने बेटे के जन्मदिन पर यहां के सभी लोगों के साथ मौजूद थे। जन्मदिन के कार्यक्रम में पूरे परिवार के लोग रहने बाद उनपर एक फर्जी केस लगाया जाता है और पुलिस उनका एनकाउंटर कर देती है। इस तरह के कई केस उनपर होते है। मुंडा ने फिर से सूर्या हांसदा का पोस्टमार्टम करने और पूरे मामले की सीबीआई से जांच करने की मांग की है।
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अर्जुन मुंडा के साथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व मंत्री भानू प्रताप शाही, पूर्व मंत्री रणधीर सिंह, दुमका के पूर्व सांसद सुनील सोरेन,पूर्व विधायक लोबिन हांसदा और पूर्व विधायक अमित मंडल मौजूद थे।मुंडा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 10 अगस्त को सूर्या हांसदा को गिरफ्तार किया जाता है। 11 अगस्त को एनकाउंटर बताकर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर डेथ साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा का परिवार ललमटिया और डकैता गांव के स्थानीय लोगों के प्रधान का घर है। यह ट्रेडिशनल हेड मेन है। सामुदायिक रूप से इस परिवार के लोगों ने और खासकर सूर्या हांसदा ने परंपरा निभायी है।अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह गोड्डा पुलिस की गहरी साजिश है। सूर्या हांदसा की हत्या की गयी और पुलिस ने इसे मुठभेड़ का नाम दे दिया।यह साफ दिख रहा है कि मामला कुछ और है, कहानी कुछ और बनायी गयी है।




