डेस्कः बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया है , जो अक्षय कुमार की गब्बर फिल्म का वो सीन याद दिला देगा , जिसमें डॉक्टर मरे हुए मरीज को जिंदा बता कर पैसा ऐंठने का काम किया जा रहा था। वहीं मोतिहारी में एक अस्पताल से इसी तरह का मामला सामने आया है ,जहां डॉक्टर ने चंद पैसों के लिए मरीज के परिवार के साथ विश्वासघात का काम किया है। आरोप लगाया जा रहा कि एक बड़े निजी अस्पताल के डॉक्टर ने चंद पैसों की लालच में एक मरीज का गलत ऑपरेशन कर दिया जिस वजह से उसकी मौत हो गई । वहीं मरीज के परिजन से लाखों रुपए ऐंठने और शव छिपाने तक का भी घिनौना खेल खला गया। वहीं इस घटना से पूरे शहर में आक्रोश है और अस्पताल के खिलाफ विरोध शुरू हो गया।
बिहार टॉपर घोटाले का आरोपी बच्चा राय ओवैसी की पार्टी में शामिल, महुआ से AIMIM के टिकट पर लड़ेगा चुनाव
जानकारी के मुताबिक , मृतक की पहचान परवेज आलम के रूप में हुई है। जो वार्ड नंबर 17 की पार्षद शायरा खातून के दामाद थे। परवेज विदेश में इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे और कुछ दिन पहले ही घर लौटे थे। किडनी में पथरी के शिकायत के बाद वो खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचे थे। वहीं डॉक्टर तबरेज ने बाहर से विशेषज्ञ बुलाने कि बात कहा कर लाखों रुपए ऐंठे ,लेकिन ऑपरेशन खुद ही किया। वहीं चार घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान बार-बार पैसे और दवाइयां मंगाई गई।
बिहार में ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व जिलाध्यक्ष की हत्या, एक दिन पहले SP से लगाई थी सुरक्षा की गुहार
शाम तक मरीज से मिलने तक नहीं दिया गया। जब परिजन ने जबरन आईसीयू में प्रवेश किया तो पाया कि परवेज कि मौत हो चूकी है और शव ऑपरेशन थिरएटर में पड़ा हुआ है। वहां कोई डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं था। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बेकाबू हो गए और अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया।
बिहार में मुखिया की गोली मारकर हत्या, मृतक का था अपराधिक रिकॉर्ड
सूचना पर कई थानों की पुलिस और सदर डीएसपी दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों की शिकायत को गंभीर मानते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया । घटना के बाद मृतक के परिजनों और दर्जनों पार्षदों ने अस्पताल के बाहर धरना भी शुरू कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर तबरेज जानबूझकर पैसों की लालच में परवेज की हत्या कर फरार हो गया । वहीं, एक अन्य मरीज के परिजन बिक्की कुमार ने भी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वहां गलत ढंग से ऑपरेशन कर मरीजों की जान खतरे में डाली जाती है।




