पटनाः बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां इलाज कराने आई 20 वर्षीय युवती के साथ छेड़खानी और बदसलूकी का आरोप लगा है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी वार्ड में ईसीजी जांच कराने के दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मी ने जांच के नाम पर उसके निजी अंगों को गलत तरीके से छुआ। विरोध करने पर गार्ड ने भी पीड़िता और उसके परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की।
खान सर से पढ़ने गई लड़की, गुजारा करने को ढूंढी पार्ट टाइम जॉब, तभी पहुंच गई रेड लाइट एरिया
घटना शुक्रवार देर रात की है। सालिमपुर अहरा क्षेत्र की रहने वाली युवती को सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन उसे पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ईसीजी कराने को कहा। पीड़िता का आरोप है कि ईसीजी के दौरान ड्यूटी पर तैनात अविनाश कुमार नामक कर्मी ने मशीन लगाने के बहाने उसे कई बार गलत तरीके से छुआ। पीड़िता ने बताया कि पहली बार उसने सहन किया, लेकिन जैसे ही कर्मी ने दोबारा छेड़छाड़ की, उसने ज़ोर से शोर मचाकर विरोध किया।
ITBP जवान ने खुद को मारी गोली, चुनावी ड्यूटी में झारखंड से आया था बिहार
शोर सुनकर युवती के परिजन मौके पर पहुंचे और कर्मी के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि हंगामा बढ़ता देख अस्पताल के गार्ड भी पहुँचे, लेकिन स्थिति संभालने के बजाय उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार के साथ दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने तुरंत डायल 112 को फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अविनाश कुमार मौके से फरार हो गया। बाद में पीड़िता ने पीरबहोर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें अस्पताल कर्मी और सुरक्षा गार्ड दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीरबहोर थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू हो गई है। पुलिस जल्द ही घटना के समय इमरजेंसी वार्ड में मौजूद कर्मचारी, आरोपी गार्ड, अन्य स्टाफ से पूछताछ करेगी। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हो सके। घटना पर अस्पताल प्रबंधन से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई। पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. आई.एस. ठाकुर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
झारखंड के दुमका में एक ही परिवार के 4 लोगों की निर्मम हत्या, पत्नी और दो बच्चों से दूर खेत में मिला पति का शव
इस घटना ने एक बार फिर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में मरीजों की सुरक्षा, महिला संरक्षण और अस्पताल कर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में पहले भी बदसलूकी, अभद्र व्यवहार और सुरक्षा लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई घटना ने अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है।




