डेस्कः बिहार के गयाजी जिले में मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉक्टर सतेंद्र कुमार से एक करोड़ की रंगदारी मामले में नाटकीय मोड़ आ गया है। शुरू में डॉक्टर ने खुद को पीड़ित बताकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी और ये दाव उन्हें उल्टा पड़ गया है। इस मामले में पुलिस ने डॉक्टर सतेंद्र कुमार समेत चार को हिरासत में लिया है।
बिहार के बड़े न्यूरोसर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार से मांगी गई रंगदारी, दो राज्यों से आया फोन कॉल, कहा-एक करोड़ दो नहीं दो बीबी गई
धमकी भरे कॉल से शुरू हुआ मामला: डॉ. सत्येंद्र कुमार, जो मगध मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष हैं, ने दावा किया था कि 27 दिसंबर 2025 और 31 दिसंबर 2025 को उनके या उनकी पत्नी विभा कुमारी के मोबाइल पर धमकी भरे कॉल आए थे। कॉल मुंबई और कोलकाता (या आसपास के क्षेत्रों) से आए बताए गए। धमकाने वाले ने एक करोड़ रुपये की मांग की और नहीं देने पर पत्नी को “हाथ से जाने” यानी हत्या की धमकी दी। इन कॉलों के बाद डॉक्टर ने 7 जनवरी को मगध मेडिकल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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पुलिस जांच में उल्टा खुलासा: प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह हुआ कि पूरा मामला सुनियोजित साजिश हो सकता है। तकनीकी जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर डॉ. सत्येंद्र कुमार की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने मुंबई से दो लोगों को दबोचा, जबकि शुक्रवार को डॉ. सत्येंद्र कुमार और उनके नर्सिंग होम के कंपाउंडर नीतीश कुमार को हिरासत में लिया गया। कुल चार लोग अब पुलिस हिरासत में हैं।
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डॉक्टर पर खुद साजिश रचने का आरोप: डॉक्टर के यहां काम कर रहे कमपाउंडर के परिजन ने बताया कि डॉ. सत्येंद्र कुमार ने ही मुंबई-कोलकाता से फोन करवाकर रंगदारी की मांग करवाई। यह साजिश खुद डॉक्टर द्वारा रची गई मानी जा रही है। वहीं पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि डॉक्टर को अपनी पत्नी से एक करोड़ रुपये की जरूरत क्यों पड़ी और उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया। जांच में कई संदिग्ध बिंदु सामने आए हैं, जिन पर गहन पूछताछ जारी है।
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मेडिकल कॉलेज में हड़कंप: डॉ. सत्येंद्र कुमार की हिरासत के बाद मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हड़कंप मच गया है। एक वरिष्ठ विभागाध्यक्ष के इस तरह फंसने से चिकित्सा समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है। मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार ने पुष्टि की कि डॉक्टर समेत अन्य से पूछताछ हो रही है और कार्रवाई जारी है।
एसआईटी की जांच जारी: इस संबंध में मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए एसआईटी गठित की है। वरीय अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि साजिश के पीछे के असली मकसद का पता लगाया जा सके।



