लोहरदगा : रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को लोहरदगा शहर पूरी तरह भक्ति, उत्साह और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। जय श्रीराम और जय हनुमान के गगनभेदी जयकारों के बीच शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जिले भर के 58 अखाड़ों के हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा की शुरुआत थाना टोली से पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसका नेतृत्व केंद्रीय महावीर मंडल ने किया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती इस भव्य यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर ओर भगवा ध्वज, भक्ति गीत और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। अलग-अलग मार्गों से निकले अखाड़ों का विभिन्न स्थानों पर मिलन हुआ, जिससे पूरे शहर में एकता और सामूहिक श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। कुल मिलाकर, लोहरदगा की रामनवमी शोभायात्रा आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आई। भक्ति, अनुशासन और उत्साह के संगम ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव, केंद्रीय महावीर मंडल के अध्यक्ष विपुल तमेड़ा, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रितेश कुमार, लक्ष्मी नारायण भगत, एसपी के विधि सलाहकार विवेक कुमार, सांसद के निजी सचिव आलोक साहू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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बारिश और तेज हवा भी नहीं तोड़ सकी आस्था
शोभायात्रा के दौरान अचानक आई तेज वर्षा और हवा भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। बारिश के बावजूद लोग झूमते, नाचते और जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल रहे। पारंपरिक परिधानों में सजे लोग भीगते हुए भी पूरे जोश के साथ आगे बढ़ते रहे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रकृति भी इस भक्ति उत्सव में सहभागी हो गई हो।

पारंपरिक वेशभूषा में दिखा सांस्कृतिक रंग
शोभायात्रा में शामिल महिलाएं, युवतियां और युवा पारंपरिक परिधानों में विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। कई युवतियां मराठी वेशभूषा में सजी-धजी नजर आईं, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से लोगों का ध्यान खींचा। वहीं युवाओं ने भगवा वस्त्र धारण कर लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।
ढोल, नगाड़ा, ताशा और डीजे की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। हर गली-मोहल्ले में शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह जलपान और प्रसाद वितरण की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया।

अखाड़ों के करतब बने आकर्षण का केंद्र
इस भव्य शोभायात्रा में शामिल 58 अखाड़ों ने पारंपरिक युद्धकला और शारीरिक दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। तलवारबाजी, लाठी और अन्य हथियारों के साथ युवाओं ने अपने करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।ढोल-नगाड़ों की थाप और ताशा की गूंज के बीच अखाड़ों का प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। हर अखाड़ा अपनी विशेष प्रस्तुति के साथ लोगों का दिल जीतने में सफल रहा।

महिलाओं और युवाओं की रही अहम भागीदारी
इस वर्ष की शोभायात्रा में महिलाओं और युवतियों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाएं पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुईं। वहीं युवाओं की टोली आयोजन की व्यवस्था संभालने, भीड़ नियंत्रण और अनुशासन बनाए रखने में सक्रिय रूप से जुटी रही। उनके सहयोग से पूरा आयोजन सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

सुरक्षा के रहे चाक-चौबंद इंतजाम
रामनवमी शोभायात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। पूरे आयोजन की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही थी। खुद एसपी सादिक अनवर रिजवी, एसडीओ अमित कुमार, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा और थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर लगातार मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। प्रशासन द्वारा असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी गई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


डीजे और भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु
शोभायात्रा के दौरान भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर युवा, किशोर और बच्चे जमकर झूमते नजर आए। जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारों के बीच पूरा वातावरण ऊर्जा और उल्लास से सराबोर हो गया। जगह-जगह रुककर लोग नाचते-गाते रहे और इस पावन अवसर को यादगार बनाते नजर आए।

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झांकियों ने बिखेरा भक्ति का रंग
शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। विभिन्न अखाड़ों द्वारा तैयार की गई आकर्षक झांकियों में भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान हनुमान और अन्य पौराणिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा और सजीव अभिनय के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झांकियों के साथ बजते भजन और वाद्ययंत्रों की धुन ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। लोग झांकियों के पास रुककर उन्हें निहारते और फोटो खींचकर इस पल को यादगार बनाते नजर आए।





















