किशनगंजः बिहार के किशनगंज जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बहादुरगंज के प्रेम नगर रेड लाइट एरिया से किसी तरह जान बचाकर भागी एक नाबालिग लड़की स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस तक पहुंची। जैसे ही उसने अपनी कहानी सुनाना शुरू किया, वहां मौजूद हर शख्स के होश उड़ गए।
उसने बताया कि वह खान सर का पास कोचिंग पढ़ने के लिए पहुंची थी, लेकिन पार्ट जॉब ढूंढ़ना महंगा पड़ गया। लड़की मध्य प्रदेश के एक गरीब परिवार की रहने वाली है। पढ़ाई लिखाई में तेज थी और आगे बढ़कर कुछ बनना चाहती थी, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी।
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परिवार उसकी शादी जल्द कर देना चाहता था, जिससे उसका भविष्य अंधेरे में चला जाता। इसी दौरान उसे खान सर के बारे में पता चला। वो शिक्षक जो पैसों की बाधा को तोड़कर बच्चों को फ्री में पढ़ाते हैं। लड़की की आंखों में उम्मीद जगी और वह बिना देर किए पटना पहुंच गई।
खान सर ने पढ़ाने के लिए तो हामी भर दी, लेकिन रहने-खाने का खर्च खुद उठाने को कहा। इसके बाद लड़की नौकरी की तलाश में भटकने लगी। उसने सोचा कि कोई सरकारी या निजी स्थान पर पार्ट-टाइम काम मिलेगा, जिससे वह अपनी पढ़ाई भी संभाल लेगी। लेकिन यहीं उसकी जिंदगी ने खतरनाक मोड़ ले लिया।
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नौकरी की तलाश में कुछ दलालों के संपर्क में आ गई, जिन्होंने उसे मदद का भरोसा दिया। लड़की मासूम थी और उनके जाल में फंस गई। उसे किशनगंज ले जाया गया, जहां बिसनपुर रेड लाइट एरिया में उसे बेच दिया गया। वहां से उसे जबरन प्रेम नगर भेजा जाता था, जहां धंधे में धकेलने की कोशिश होती।
लेकिन लड़की ने हिम्मत नहीं हारी। एक सही मौके के इंतजार में वह भाग निकली और स्थानीय लोगों से मदद मांगी। बहादुरगंज चेयरमैन के पति ने उसे सुरक्षित पुलिस तक पहुंचाया। लड़की की रोती-बिलखती दास्तां सुनकर पुलिस और स्थानीय लोग भी दंग रह गए। जनप्रतिनिधियों ने तत्काल दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं लड़की के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे उसे लेने किशनगंज पहुंच रहे हैं।
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