रांचीः असम के 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को चुनाव है। मतदान से एक दिन पहले झारखंड के मुख्यमंत्री और जेएमएम के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने असम की जनता के नाम एक संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि असम की जनता से ये सीधा संवाद है।
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उन्होंने लिखा है कि असम की धरती पर एक सच को दबा दिया गया है। असम के चाय बगोनों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आजतक एसटी का दर्जा नहीं दिया गया है। यह कोई सामान्य चूक नहीं बल्कि,राष्ट्रीय अन्याय है, जिसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।
अंग्रेज़ों के सामने नतमस्तक नहीं होने वाले, जल–जंगल–ज़मीन की रक्षा में सदियों तक संघर्ष करने वाले, अपने स्वाभिमान को कभी न बेचने वाले, उन्हीं आदिवासियों को आज अपने ही देश में हक और पहचान के लिए दर-दर की ठोकरें क्यों खानी पड़ रही हैं?
यह केवल एक प्रश्न नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र… pic.twitter.com/JuEtR0MQ3j
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 8, 2026
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उन्होंने आगे लिखा कि हम आदिवासियों को हमेशा ही सत्ताधारियों ने मुख्य धारा से अलग रखने की कोशिश की है। हमेशा ही झूठे वादों के चंगूल में हमें फंसाया। सच यह है कि ये लोग हमे कीड़े-मकोड़ों की तरह देखते हैं। इसके बाद हेमंत सोरेन ने चींटी और हाथी का उदाहरण देते हुए बताया कि एक मामूल चींटी भी हाथी के सूंड में घूस जाती है, तो हाथी बौखला जाता है। यह दमनकारी सरकार एक पागल हाथी है और हम हैं वहीं मामूली चींटी, जो पागल हाथी को पटखनी देने का मादा रखती है। अब वह दिन दूर नहीं, जब असम में हम आदिवासी संस्कृति, सभ्यता और विरासत के अद्धत उत्थान को देखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव में जेएमएम उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की।



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