लातेहारः बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर आमिलान-निद्रा के बीच सोमवार देर शाम मालगाड़ी की टक्कर से हाथी का एक बच्चा घायल हो गया। रात करीब 12.40 बजे उसकी मौत हो गई। घटना चंदवा थाना क्षेत्र के पुतरी टज्ञेला गांव के पास शाम 7.30 बजे हुई। घटना के बाद हाथियों के झुंड पटरी पर पहुंच गया। इससे सीआई सेक्शन के बरकाकाना-बरवाडीह के बीच रेल सेवा ठप हो गई। ट्रेनें जहां-तहां रुकी रही। साढ़े चार घंटे के बाद करीब 12 बजे हाथियों को पटरी से हटाया गया।
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घटना उस समय हुई, जब हाथियों का झुंड पटरी पार कर रहा था। इस घटना के बाद हाथी आक्रोशित हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मशाल जलाकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया गया लेकिन हाथी टस से मस नहीं हो रहे थे। काफी मशक्त के बाद उन्हें पटरी से हटाया गया। रात करीब 12.20 बजे अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ। डाउन लाइन पर परिचालन शुरू करने का प्रयास जारी रहा।
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रांची गरीब रथ और टाटा वंदे भारत सहित कई ट्रेनें फंसी
13347 पलामू एक्सप्रेस शाम 7.35 से खलारी स्टेशन पर खड़ी रही
12877 रांची- गरीब रथ शाम 7.54 बजे से राय स्टेशन पर खड़ी रही
18635 सासाराम इंटरसिटी शाम 7.46 से हेंदेगीर स्टेशन पर खड़ी रही, बाद में रूट डायवर्ट कर चलाया गया
18309 जम्मूतवी एक्सप्रेसः 8.32 बजे से बरकाकाना पर फंसी रही
13025 हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस रात 8.00 बजे से बरकाकाना स्टेशन पर खड़ी रही
21894 टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस शाम 7.48 बजे से टोरी स्टेशन पर खड़ी रही
18611 रांची-बनारस एक्सप्रेस भी रामगढ़ कैंट पर खड़ी रही थी

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ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि उन्हें न तो किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। यात्रियों का आरोप है कि भारतीय रेलवे की ओर से हालचाल लेने या मार्गदर्शन के लिए कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। यात्रियों को ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। पतरातू से सवार यात्री गौरीशंकर मिश्रा और भुरकुंडा से सवार सोनू सिंह, दोनों पटना जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि एसी कोच में एयर कंडीशनर बंद रहने के कारण घुटन महसूस हो रही थी। वहीं बरकाकाना से सवार आशु तिवारी ने ट्रेन में पेंट्री कार नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि खाने और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना था कि यदि ट्रेन समय पर चलती तो तीन घंटे में डाल्टनगंज या गढ़वा पहुंच जाते, जहां भोजन और पानी मिल जाता।यात्रा कर रहे सीआईएसएफ जवान अफरोज अंसारी ने बताया कि उन्हें पटना से आगे की ट्रेन पकड़नी है, लेकिन देर होने के कारण वह ट्रेन छूटने की आशंका है। मजबूरी में यात्रियों ने स्टेशन पर मौजूद एकमात्र स्टाल से बिस्कुट और चिप्स खरीदकर भूख मिटाई।खलारी से सवार आनंदकुमार चौहान ने अपने घर पर सूचना देकर खाना मंगवाया। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन कब खुलेगी, इसकी कोई जानकारी रेलवे प्रशासन द्वारा नहीं दी जा रही है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।



