रांचीः आदिवासी नेत्री निशा भगत ने शुक्रवार दोपहर पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में निशा भगत के पिता पिठोरिया थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में निशा भगत के पिता इंदु भगत (जो मूल रूप से गुमला जिला के घाघरा थाना अंतर्गत जोरतांड पोस्ट घाट गांव के रहने वाले हैं) ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को मानसिक , सामाजिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि अत्यधिक मानसिक दबाव और चरित्र हनन के कारण उनकी बेटी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
बेटी का सोशल मीडिया पर चरित्र हनन किया गया:
पिता का यह भी आरोप है कि उनकी बेटी का सोशल मीडिया पर चरित्र हनन किया गया और साजिश के तहत उसे मानसिक व शारीरिक रूप से काफी प्रताड़ित किया गया। आवेदन में अजय तिर्की, ज्योत्स्ना केरकेट्टा, जमीन के दलालों और चर्च के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि घर से बाहर आने-जाने के दौरान भी लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जाता था और झूठे चारित्रिक लांछन लगाए जाते थे।
सोशल मीडिया पर दिया था बयान:
आवेदन में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि आत्महत्या से ठीक पहले युवती ने सोशल मीडिया पर अपना एक बयान जारी किया था, जिसमें उसने कई लोगों के नाम लिए थे। पिता ने मांग की है कि उस वीडियो और बयानों को आधार बनाते हुए सभी संबंधित लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए।
सख्त कार्रवाई की मांग:
पीड़ित पिता ने पिठोरिया पुलिस से अजय तिर्की और ज्योत्स्ना केरकेट्टा समेत अन्य आरोपियों पर तुरंत और कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि मृतका को न्याय मिल सके। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।







