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JSSC CGL परीक्षा रद करने के राज्य सरकार के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट ने किया निरस्त, निरंतर सेवा में मानने का दिया आदेश

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Live Dainik

November 6, 2026

JSSC CGL परीक्षा रद करने के राज्य सरकार के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट ने किया निरस्त, निरंतर सेवा में मानने का दिया आदेश

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के तहत हुई नियुक्ति को रद करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है। अदालत ने विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां बहाल रखते हुए उन्हें बिना किसी सेवा व्यवधान के निरंतर सेवा में मानने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि भर्ती रद करने की अधिसूचना के कारण अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के अन्य सेवा लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अधूरी जांच के आधार पर पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद करना उचित नहीं है। राज्य सरकार ऐसी कोई ठोस तथ्यात्मक जांच और साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो कि पूरी चयन प्रक्रिया सुनियोजित गड़बड़ी से प्रभावित थी। केवल कुछ अभ्यर्थियों के खिलाफ आरोप या जांच लंबित होने के आधार पर सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां समाप्त नहीं की जा सकतीं। अदालत ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि गड़बड़ी में शामिल अभ्यर्थियों की पहचान संभव है या नहीं और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग किया जा सकता है या नहीं। ऐसे में बिना इस प्रक्रिया को पूरा किए पूरी भर्ती रद करने का फैसला कानूनी कसौटी पर टिकाऊ नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक अपवाद है। राज्य सरकार को यह साबित करना होगा कि अभ्यर्थियों को सुनवाई का अवसर दिए बिना कार्रवाई करना क्यों आवश्यक था। इस मामले में सरकार ऐसा कोई पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं कर सकी।

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