लोहरदगा : जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर लोहरदगा की बेटी संजना कुमारी गुरुवार को अपने गृह जिला लोहरदगा लौटीं तो पूरा शहर उनके स्वागत में उमड़ पड़ा। लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर बाजे-गाजे, फूल-मालाओं और जोरदार नारों के बीच संजना का अभिनंदन किया गया। अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भरत देश का परचम लहराने वाली संजना को सम्मानित करने के लिए खेल जगत से जुड़ लोग, सामाजिक एवं राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ काफी संख्या में खेल प्रेमी, परिवार के सदस्य और शुभचिंतक पहुंचे थे। लोगों का प्यार और सम्मान देखकर संजना भावुक हो गईं। उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। यह पल उनके परिवार के लिए भी गर्व और भावनाओं से भरा रहा।

लोहरदगा शहरी क्षेत्र के शास्त्री नगर स्थित ढोढ़हा टोली निवासी संजना कुमारी ने महिला एकल एसएल-3 वर्ग में कांस्य पदक जीतकर लोहरदगा जिले को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उनकी इस उपलब्धि ने उन खिलाड़ियों के लिए भी उम्मीद जगाई है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं। संजना की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उनके हौसले और उपलब्धि की सराहना कर चुके हैं। संजना की उपलब्धि ने लोहरदगा में खेल प्रतिभाओं को लेकर नई उम्मीद जगाई है। अब लोगों की निगाहें उनके अगले लक्ष्य पर टिकी हैं। जापान में कांस्य पदक जीतने वाली यह खिलाड़ी पैरालंपिक में देश के लिए पदक जीतने का सपना लेकर आगे बढ़ रही है।


लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर स्वागत, फूल-मालाओं से लाद दिया
राजधानी एक्सप्रेस से लोहरदगा रेलवे स्टेशन पहुंचीं संजना के स्वागत के लिए पहले से ही लोगों की भीड़ जुटी थी। ट्रेन से उतरते ही उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया गया। ढोल-नगाड़ों और बधाइयों के बीच स्टेशन परिसर उत्सव के माहौल में बदल गया। स्वजन, खेल प्रेमी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि अपनी चहेती खिलाड़ी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते नजर आए। लोगों के इस स्नेह को देखकर संजना भावुक हो उठीं। उनके चेहरे पर खुशी और आंखों में आंसू उनकी उपलब्धि के पीछे छिपे संघर्ष और इस सम्मान के महत्व को बयां कर रहे थे। पिता रतन कुमार, माता उषा कुमारी और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी यह क्षण अविस्मरणीय रहा। स्वागत समारोह में जिला खेल पदाधिकारी उपवन बाड़ा, जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. गणेश प्रसाद, किशोर कुमार वर्मा, रतन कुमार, रामू राम वर्मा, कुणाल वर्मा, सचिन कुमार और लखन राम सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

पैरालंपिक में देश के लिए पदक जीतना है अगला लक्ष्य
संजना कुमारी ने कहा कि एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक जीतना उनके लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। लोगों से मिल रहा प्यार और सम्मान उन्हें आगे बढ़ने की नई ऊर्जा दे रहा है। इस उपलब्धि के बाद उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। अब वह और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मेहनत करेंगी, ताकि पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीत सकें। उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के बल पर अपने लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करेंगी। संजना की नजर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अगले बड़े मुकाबलों की तैयारी पर है। उनका सपना है कि आने वाले समय में पैरालंपिक में पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाएं।

झारखंड सरकार से अब तक नहीं मिली मदद
संजना ने अपनी उपलब्धियों के बीच आर्थिक सहयोग की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की ओर से अब तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि, लोहरदगा के तत्कालीन उपायुक्त कुमार ताराचंद ने हिंडाल्को के सौजन्य से चीन जाने के लिए टिकट की व्यवस्था कराई थी। संजना की बात से यह सवाल भी सामने आता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे की तैयारी के लिए किस तरह का संस्थागत सहयोग मिल रहा है। पैरालंपिक तक पहुंचने के लिए उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, खेल संसाधनों और प्रतियोगिताओं में भागीदारी की जरूरत होगी। ऐसे में संजना को समय पर सहयोग मिलना उनके लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।


बेटी की उपलब्धि पर परिवार को गर्व
संजना के पिता रतन कुमार ने कहा कि बेटी की उपलब्धि पर जिस तरह लोगों का प्यार और सम्मान मिल रहा है, उससे पूरा परिवार गौरवान्वित है। उन्होंने स्वागत करने पहुंचे सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उनके अनुसार, लोगों का प्रोत्साहन संजना का मनोबल बढ़ाएगा और उसे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बेटी को आगे बढ़ने के लिए सरकारी सहयोग की जरूरत है।







