डेस्कः ब्राजील में वामपंथी राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल कर ली है। उन्होंने दूसरे दौर के मुकाबले में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराया। इस जीत के साथ ही लूला डा सिल्वा ब्राजील में चौथी बार राष्ट्रपति बनने वाले हैं।
100 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने के बाद, ब्राज़ील के चुनावी न्यायालय ने लूला की जीत की घोषणा की। 80 वर्ष के लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो पर लगभग 44 लाख वोटों की ऐसी बढ़त हासिल है, जिसे कोई चुनौती नहीं दी जा सकी।

कहा जा रहा है कि इस फैसले के बाद बोल्सोनारो कोई कानूनी कदम उठा सकते हैं। लूला की जीत कई मायनों में अहम है। लैटिन अमेरिका में जहां ट्रंप के समर्थक और दक्षिणपंथी विचारधारा वाले नेता चुनाव जीत रहे हैं, वहीं लूला की जीत इस चलन से बिल्कुल अलग है।
लूला की जीत के बाद लैटिन अमेरिका के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों, मैक्सिको और ब्राजील में वाम-मध्य विचारधारा वाले नेता सत्ता में हैं। ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसकी GDP 2.6 ट्रिलियन डॉलर सालाना है। ऐसे में, ब्राजील के पास ट्रंप की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ दबाव के बावजूद अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने और स्वतंत्र आर्थिक नीति अपनाने की गुंजाइश है। ब्राजील के चुनाव में लूला की यह जीत उन्हें राष्ट्रपति के रूप में चौथा कार्यकाल देगी। उनका अगला कार्यकाल 5 जनवरी, 2027 से शुरू होगा।








