डेस्कः तिब्बत में 7.0 की तीव्रता से भूकंप आया है। इसका केंद्र जमीन से 173 किमी अंदर बताया जा रहा है। भूकंप का तेज झटका गुरुवार शाम 08.03 मिनट पर आया।भूकंप के दौरान झटके दूर तक महसूस किए गए। फिलहाल नुकसान की कोई खबर नहीं है। इससे पहले 8 सितंबर को नेपाल में भी भूकंप दर्ज किया गया था।

🚨#NewsAlert | भूकंपीय निगरानी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 173 किलोमीटर थी और इसका केंद्र भारत के अरुणाचल प्रदेश के पांगिन से 489 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में स्थित था। https://t.co/hcIvqZoee5
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) October 22, 2026
यह आपदा ऐसे समय में आई है जब 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुए भीषण हिम-चट्टान स्खलन और बाढ़ के बाद राहत कार्य जारी हैं। उस त्रासदी में घर, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं तबाह हो गई थीं और हजारों लोग लापता हो गए थे। इस भीषण तबाही में हजारों लोगों की मौत हुई थी।
विशेषज्ञों और चीनी शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण किंघई-तिब्बत पठार पर ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे इस संवेदनशील क्षेत्र में भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है।
यह पठार ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल भी है, जो कई देशों से होकर गुजरती हैं। इसलिए, यहां होने वाले पर्यावरणीय बदलाव निचले इलाकों में रहने वाले समुदायों के लिए चिंता का विषय हैं।





