रांचीः रियल एस्टेट बिजनेस के नाम पर 9.94 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में बेड़ो के डुमरी निवासी विक्रम सिंह ने गुरुवार को बीआईटी ओपी में एफआईआर दर्ज कराई है। रांची के नेवरी विकास में रियल एस्टेट कारोबार का झांसा देकर गुजरात के एक दंपति पर 9.94 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
गुजरात के रहने वाले हैं ठगी के आरोपी

दर्ज प्राथमिकी में विक्रम सिंह ने विशाल रंजीत राय और श्रद्धा विशाल राय पर करोड़ों रुपये लेने के बाद जमीन और चार बेडरूम वाले फ्लैट (4BHK) की रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप लगाया है। दोनों आरोपित गुजरात के गांधीनगर के रहने वाले हैं।
शिकायतकर्ता विक्रम सिंह के मुताबिक, उन्हें गुजरात मे जमीन और फ्लैट देने के नाम पर करोड़ो की ठगी की गई है। जमीन और फ्लैट के लिए पांच करोड़ रुपये अलग-अलग कंपनियों के बैंक खातों में जमा किए गए, जबकि 4 करोड़ 94 लाख रुपये नकद दिए गए। रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता की मुलाकात वर्ष 2022 में सोनल नाम के व्यक्ति से हुई थी। इसके बाद सोनल के पहल पर ही वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात विशाल रंजीत राय और उनकी पत्नी श्रद्धा विशाल राय से हुई। शिकायत में दोनों को रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि जमीन और फ्लैट में निवेश के सिलसिले में बातचीत हुई और प्रॉपर्टी दिलाने का भरोसा दिया गया।
चार बैंक खातों में पांच करोड़ रुपये देने का दावा
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि गुजरात मे जमीन और फ्लैट के सौदे के लिए आरोपियों के कहने पर अलग-अलग कंपनियों के बैंक खातों में रकम जमा की गई। प्राथमिकी में VNS Aqua India Pvt. Ltd. के खाते में करीब 60 लाख रुपये, Vivishra India Exim Pvt. Ltd. के खाते में 56 लाख रुपये और Shree Jee Associate के खाते में 80 लाख रुपये जमा किए गए है। इसके अलावा अन्य बैंक खातों में 3 करोड़ 4 लाख रुपये दिए जाने का दावा किया गया है।शिकायत के मुताबिक, इन बैंक खातों में किए गए भुगतान की कुल राशि पांच करोड़ रुपये थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उसने और उसके सहयोगी ने जमीन और फ्लैट मिलने की उम्मीद में यह रकम दी थी।
रकम लेने के बाद रजिस्ट्री नहीं कराने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बड़ी रकम देने के बावजूद जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री उसके पक्ष में नहीं कराई गई। प्रॉपर्टी का कब्जा दिलाने की मांग करने पर भी उसे कथित तौर पर टालमटोल का सामना करना पड़ा। इसके बाद उसने अपनी रकम वापस देने की मांग शुरू की। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
बीआईटी ओपी थाना में प्राथमिकी, जांच शुरू
इस मामले में रांची के बीआईटी ओपी में 15 अक्टूबर 2026 की रात प्राथमिकी दर्ज की गई। एफआईआर संख्या 0472/2026 में भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 504, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एसआई अभय कुमार को सौंपी गई है।





