- Advertisement -

बिग ब्रेकिंग- नगर निगम चुनाव का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने कहा 3 हफ्ते में हो तारीख की घोषणा

Picture of Live Dainik

Live Dainik

January 4, 2024

FRO और ACF नियुक्ति परीक्षा को रद्द करने का सरकार का फैसला बरकरार ,झारखंड हाईकोर्ट 24 सितंबर को करेगी अगली सुनवाई

रांची : इस वक्त की बड़ी खबर झारखंड हाईकोर्ट से आ रही है जहां राज्य में नगर निगम चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने नगर निगम और निकाय चुनाव कराने को लेकर गुरूवार को सुनवाई की।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान नगर निकाय सुनावद कराने की याचिका का निष्पादन कर दिया। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि अगले तीन हफ्ते में चुनाव कराने की घोषणा करें। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आनंद सेन की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई,इस संबंध में निवर्तमान पार्षद रौशनी खलखो और अरुण झा ने याचिका दाखिल की है,उनकी ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने बहस की।

झारखंड में पिछले साल अप्रैल में नगर निगम और निकाय का कार्यकाल खत्म हो गया था लेकिन अबतक चुनाव की घोषणा नहीं हुई है।इसके पीछे की वजह यह है कि राज्य सरकार ने नगर निकायों का नया चुनाव कराने के पहले ओबीसी आरक्षण का प्रतिशत तय करने का फैसला लिया है। ओबीसी आरक्षण के प्रतिशत का निर्धारण ओबीसी कमीशन के जरिए किया जाना है, लेकिन अब तक इस कमीशन में अध्यक्ष की नियुक्ति ही नहीं हुई है।

See also  मंईयां सम्मान योजना, JSSC और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों के साथ की बैठक, दिये आवश्यक निर्देश

जानिये कोर्ट में बहस के दौरान क्या हुआ, कैसे हाईकोर्ट ने सरकार को तीन हफ्ते के अंदर नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश दिया

HC में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया, जिसमें विकास किशन राव गवली बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि ट्रिपल टेस्ट कराकर ही निकाय या पंचायत चुनाव कराए जाने हैं।

इस पर याचिकाकर्ता रोशनी खलखो के अधिवक्ता विनोद सिंह ने अपनी दलील में कहा कि सरकार आधा-अधूरा जवाब देकर कोर्ट को दिग्भ्रमित कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सुरेश महाजन बनाम मध्य प्रदेश मामले में स्पष्ट आदेश दिया है कि ओबीसी आरक्षण ट्रिपल टेस्ट कराकर ही निकाय या पंचायत चुनाव कराए जाने चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चुनाव ही नहीं कराए जाएं। किसी भी परिस्थिति में चुनाव नहीं कराना संविधान की मूल अवधारणा का हनन है। ओबीसी आरक्षण तय कर चुनाव कराना एक प्रक्रिया है, लेकिन इसे आधार बनाकर चुनाव नहीं कराना गलत है।

See also  झारखंड में मंत्री मिथिलेश ठाकुर के करीबी और IAS मनीष रंजन सहित 25 ठिकानों पर ED की रेड

इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव को किसी हाल में नहीं रोकने का आदेश दिया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जस्टिस आनंद सेन की कोर्ट ने तीन हफ्ते के अंदर चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही याचिका निष्पादित कर दी गई है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now