गुमला : पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड द्वारा पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की मांग को लेकर मंगलवार को आहूत चक्का जाम का गुमला जिले में व्यापक असर देखने को मिला। आंदोलन के समर्थन में सोमवार की शाम जिले के विभिन्न प्रखंडों में मशाल जुलूस निकाला। इसके बाद मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में आंदोलनकारी सड़कों पर उतर आए। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सड़क जाम कर दी गई, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।


चक्का जाम के कारण गुमला शहर समेत प्रखंड मुख्यालयों और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सड़क पर जगह-जगह आंदोलनकारी मौजूद रहे और वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आवश्यक कार्य से घर से निकले लोगों को भी जाम के कारण परेशानी हुई।
आंदोलन का असर शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कई स्कूलों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करा दिया। कुछ बच्चे निर्धारित समय पर स्कूल पहुंच गए थे, लेकिन संस्थान बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। वहीं कई विद्यालयों की ओर से पहले ही अभिभावकों को स्कूल बंद रहने की सूचना भेज दी गई थी। इससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि झारखंड के गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा और लोहरदगा जिले में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण नहीं मिलने के कारण समाज में असंतोष है। समिति के दिलीप नाथ साहू ने कहा कि आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। समिति ने सरकार से पिछड़ा वर्ग को उसका अधिकार देने और आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग की। चक्का जाम को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। आंदोलन के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोग परेशान रहें।





