पलामू : जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दंगवार निवासी वांटेड माओवादी राजेंद्र पासवान ने बिहार के मोतिहारी कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उसके खिलाफ मोतिहारी न्यायालय से वारंट जारी था। पलामू पुलिस को वारंट मिलने के बाद इसके निष्पादन की जिम्मेवारी दंगवार ओपी पुलिस को दी गई थी।
जानकारी के अनुसार 22 सितंबर को दंगवार ओपी प्रभारी वीरेंद्र मेहता ने अभियान के दौरान राजेंद्र पासवान को पकड़ा था। उसी दिन दो अन्य वारंटियों को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि राजेंद्र पासवान को कुछ घंटे बाद छोड़ दिया गया। इस मामले की जानकारी ओपी प्रभारी ने थाना प्रभारी, डीएसपी या एसपी स्तर के अधिकारियों के साथ साझा नहीं की थी।
मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराई। जांच के बाद दंगवार ओपी प्रभारी वीरेंद्र मेहता को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसी घटनाक्रम के बीच अब राजेंद्र पासवान ने मोतिहारी कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
एसपी ने की सरेंडर की पुष्टि
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने राजेंद्र पासवान के मोतिहारी कोर्ट में सरेंडर करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राजेंद्र पासवान ने बिहार के न्यायालय में सरेंडर किया है। बताया जाता है कि राजेंद्र पासवान की उम्र करीब 65 वर्ष है और वह लंबे समय से अपने घर पर ही रह रहा था। दंगवार क्षेत्र बिहार की सीमा से सटा हुआ इलाका है। मोतिहारी क्षेत्र में राजेंद्र पासवान के खिलाफ मामला दर्ज था और उसी मामले में न्यायालय से वारंट जारी हुआ था। वारंट पलामू पुलिस को प्राप्त हुआ था और उसके निष्पादन की जिम्मेवारी दंगवार ओपी प्रभारी को दी गई थी।

नेपाल सीमा से जुड़े माओवादी नेटवर्क का रहा है इलाका
पुलिस के अनुसार एक समय में बिहार का मोतिहारी क्षेत्र नेपाल और भारत में सक्रिय माओवादी संगठनों के बीच संपर्क के हिसाब से महत्वपूर्ण माना जाता था। राजेंद्र पासवान के खिलाफ भी इसी क्षेत्र में मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर पलामू पुलिस को उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई करनी थी। राजेंद्र पासवान को पकड़ने और बाद में छोड़ देने के मामले ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे। मामले की जांच के बाद ओपी प्रभारी पर कार्रवाई की गई। अब राजेंद्र पासवान के मोतिहारी कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पुलिस की आगे की कार्रवाई न्यायालयी प्रक्रिया के तहत होगी।





