डेस्कः बिहार के मोतिहारी में सिसवा पूर्वी पंचायत में सरकारी शिक्षक मो. शमशाद आलम की पीट-पीट कर बेरहमी से हत्या करने का आरोप परिजनों ने लगाया है। 45 वर्षीय शमशाद आलम सिसवा उर्दू हाईस्कूल में शिक्षक थे और वार्ड 16 में रहते थे। 10 बच्चों के पिता शमशाद आलम की हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
परीक्षा ड्यूटी से लौटने के दौरान वारदात
परिजनों के मुताबिक, शमशाद आलम अपने स्कूल के विद्यार्थियों को दूसरे विद्यालय में परीक्षा दिलाने के लिए गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद लौटते समय सिसवा ग्राम पंचायत क्षेत्र में उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। परिवार का दावा है कि कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। परिजनों के अनुसार, मारपीट में गंभीर रूप से घायल शमशाद आलम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। हालाकि पुलिस ने अपहरण के बाद घायल हालत में मिलने की बात कही है।
जमीन से मिट्टी काटने की शिकायत से जोड़ रहा परिवार
परिजनों ने घटना के पीछे जमीन से मिट्टी काटे जाने को लेकर चल रहे विवाद को वजह बताया है। परिवार का कहना है कि शमशाद आलम ने कथित तौर पर अवैध तरीके से मिट्टी काटे जाने को लेकर पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थाने में शिकायत दी थी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बाद कुछ लोगों के साथ उनका विवाद चल रहा था और इसी विवाद के चलते उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है और घटना के वास्तविक कारण का पता पुलिस जांच तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही चल सकेगा।


पूर्व प्रमुख और मुखिया के पति समेत कई लोगों पर आरोप
परिजनों ने जफीर आजाद उर्फ चमन, फजूर रहमान उर्फ मुन्ना चमन, पूर्व प्रमुख तथा सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या परवीन के पति समेत कुछ अन्य लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। पुलिस ने अभी इन आरोपों को सत्यापित नहीं किया है। आरोपित लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
शमशाद आलम की मौत की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए।आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। परिजनों ने दोषियों को उम्रकैद और फांसी जैसी कठोर सजा दिए जाने की मांग भी उठाई।
अपहरण की सूचना के बाद पुलिस ने शुरू की तलाश
सदर डीएसपी दिलीप कुमार के अनुसार, पुलिस को शमशाद आलम के अपहरण की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। डीएसपी के मुताबिक, शमशाद आलम एक अज्ञात स्थान पर घायल अवस्था में मिले। उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी दौरान उनकी मौत हो गई। डीएसपी ने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना के बाद एसडीएम अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भीड़ को शांत कराया गया। एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





