रांचीः झारखंड में JSSC-CGL मामले में CID ने आज बोकारो के DPRO और APRO से पूछताछ की। ज्ञात हो कि अभय तिवारी का भाई अक्षय तिवारी सरकारी नौकरी पाने से पहले जामताड़ा जिले में APRO के पद पर कार्यरत था। रांची स्थित सीआईडी के दफ्तर में एसआईटी ने साकेत पांडेय और अविनाश कुमार सिंह ने अभय तिवारी से संबंध को लेकर भी पूछताछ की गई है। दरअसल, अक्षय तिवारी के कॉल डिटेल में इन दोनों से बातचीत की जानकारी मिली है।
जाँच के दौरान उसके कॉल रिकॉर्ड में कई जिलों के APRO से बातचीत के रिकॉर्ड सामने आने की बात कही जा रही है। उसी आधार पर CID बोकारो समेत अन्य जिलों के APRO से भी पूछताछ कर रही है।साकेत कुमार पांडे और अविनाश कुमार सिंह ने सीआईडी को बताया कि अक्षय तिवारी से सिर्फ सहायत जनसंपर्क अधिकारी होने की वजह से बातचीत होती थी, इससे ज्यादा उनसे किसी भी तरह का संबंध नहीं था। इस मामले में अबतक 10 से ज्यादा गिरफ्तारी हो चुकी है और सीआईडी ने 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों से पूछताछ की है। जांच में पेपर लीक और अभ्यर्थियों तक सवाल-जवाब पहुंचाने वाले नेटवर्क की परतें लगातार खुल रही हैं।

JSSC कार्यालय में भी हुई थीं छापेमारी
CID की टीम ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जेएसएससी कार्यालय में छापेमारी भी की थी। आयोग के नामकुम स्थित मुख्यालय पहुंचकर जांच में शामिल अधिकारियों ने डिजिटल साक्ष्य, ओएमआर शीट और चयन प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये। इसके बाद सीआईडी ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की।जब दफ्तर से बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाया तो परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को को नेपाल और बोकारो में प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाने का मामला सामने आया। सीआईडी की मानें तो परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को नेपाल के विराटनगर और बोकारो के होटलों में ठहराया गया था। वहां उन्हें परीक्षा में आने वाले करीब 65 से 135 सवालों के जवाब रटवाए गए।





