रांचीः झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार अहले सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर के बाद राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने गिरिडीह पहुंकर दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी। सुदिव्य सोनू को श्रद्धांजलि देने राज्यपाल संतोष गंगवार भी गिरिडीह पहुंचे थे। झारखंड सरकार के सभी मंत्री और कई विधायक सुदिव्य सोनू के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य सोनू के पार्थिक शरीर को कंधा दिया। अपने सबसे करीबी साथी के निधन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कई बार भावुक हो गए। मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की आंखों से भी कई बार आंसू निकले। मुख्यमंत्री उस वक्त अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाएं जब दिवंगत मंत्री की पत्नी उनके सामने आ गई। मुख्यमंत्री अपने साथी सुदिव्य सोनू की पत्नी को गले लगाकर फफक-फफक कर रोने लगे।


हेमंत सोरेन नहीं रोक पाएं अपने आंसू, मंत्री सुदिव्य सोनू की पत्नी को गले लगाकर भावुक हुए मुख्यमंत्री@HemantSorenJMM @JmmJharkhand @JMMKalpanaSoren @JMM_Giridih @INCJharkhand_ #SudivyaKumarSonu #Giridih #JharkhandNews #Jharkhand #GiridihNews #JharkhandPolitics #sudivyakumarsonu pic.twitter.com/AhWr8wJy1H
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मंत्री सुदिव्य सोनू के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए लिखा कि उठा हुआ हाथ अंतिम प्रणाम है, और यह कंधा बरसों के साथ और सम्मान का प्रमाण है।
उठा हुआ हाथ अंतिम प्रणाम है, और यह कंधा बरसों के साथ और सम्मान का प्रमाण।
अंतिम यात्रा प्रारम्भ। pic.twitter.com/6ozeIMltR2
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वहीं गांडेय विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सोनू भैया अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका यूँ चले जाना मेरे लिए एक अभिभावक को खोने जैसा है।
राजनीति के सफर में उन्होंने हर कदम पर हौसला दिया और हमेशा बड़े भाई की तरह मेरे साथ खड़े रहे। उनसे मिली सीख, उनका स्नेह और मार्गदर्शन मेरे जीवन की अमूल्य पूंजी है।
झारखंड आंदोलन से लेकर जीवन के अंतिम समय तक सोनू भैया झारखंड, झारखंडियत और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित रहे।
आज मन यह स्वीकार नहीं कर पा रहा है कि आप हमारे बीच नहीं हैं। आपका जाना मेरे लिए ऐसी व्यक्तिगत क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
आप बहुत याद आएंगे सोनू भैया….
ईश्वर आपको अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
सोनू भैया अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका यूँ चले जाना मेरे लिए एक अभिभावक को खोने जैसा है।
राजनीति के सफर में उन्होंने हर कदम पर हौसला दिया और हमेशा बड़े भाई की तरह मेरे साथ खड़े रहे। उनसे मिली सीख, उनका स्नेह और मार्गदर्शन मेरे जीवन की अमूल्य पूंजी है।
झारखंड आंदोलन से लेकर जीवन… pic.twitter.com/K0RNvTKT9l
— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) September 6, 2026





