रांचीः रविवार अहले सुबह झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि शनिवार देर रात करीब दो बजे उन्हें अस्पताल लाया गया था। अस्पताल आने से करीब दो घंटे पहले उन्हें सीने में दर्द महसूस हो रहा था। घर से अस्पताल लाने के दौरान रास्ते में उन्हें उल्टी हुई और फिर कार्डिक अरेस्ट से उनका निधन हो गया।

गिरिडीह से दो बार के जेएमएम विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अपने सबसे करीबी साथी के निधन के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देर रात अपने बड़े भाई, हमारे प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं।


सोनू भैया मेरे लिए सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे बड़े भाई की तरह थे – स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले। उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा मेरे साथ रहेंगी।
झारखंड आंदोलन के दौर से ही वे स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया। झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी।
आज उन्हें याद करते हुए मन बार-बार यही सोचता है कि ज़िंदगी कितनी क्षणभंगुर है। कल तक जो आवाज़ हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है।

सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आपके स्नेह, आपके संघर्ष और झारखंड के लिए आपकी प्रतिबद्धता को मैं जीवनभर अपने साथ लेकर चलूंगा।
आप हमेशा याद आएंगे भैया….




