DESK: बिहार के खगड़िया जिले के एसपी भानु प्रताप सिंह पर उनकी पत्नी पूजा ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का आरोप है कि एसपी ने उनकी 6 साल की बेटी को उनसे छीन लिया है। पत्नी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें एसपी आवास के बाहर एक महिला एसपी भानु प्रताप सिंह को अपना पति बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाती नजर आ रही हैं। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि Live Dainik नहीं करता है।

वीडियो में महिला (एसपी की पत्नी) कह रही हैं कि उनके पति आईपीएस अधिकारी बनने के बाद से उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। खगड़िया स्थित एसपी आवास से उन्हें बाहर कर गेट लगा दिया गया है। उन्हें उनकी बेटी से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है।खगड़िया आने से पहले उन्हें भानू प्रताप सिंह ने पटना में बंद कर दिया था और बेटी को लेकर खगड़िया चले आए। यहां भी उन्हें बेटी से नहीं मिलने दिया जा रहा है। पहले सबकुछ ठीक था। आईपीएस अधिकारी बनने के बाद से उनके बर्ताव में बदलाव आ गया है। वह हमेशा प्रताड़ित करते हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसपी भानू प्रताप सिंह की पत्नी पूजा बीते 31 अगस्त को खगड़िया अपने पति और पुत्री से मिलने आई थी। वीडियो उसी समय का बताया जा रहा है। वीडियो में एसपी आवास के बाहर सड़क पर रो-रोकर अपनी पीड़ा लोगों को बता रही हैं।


लोगों से एसपी आवास का गेट खुलवाने और पुत्री से भेंट कराने की गुहार लगा रही हैं। वीडियो में वे बता रही हैं कि प्रताड़ना के कारण अस्पताल में भर्ती थी। उन्होंने मुझे पिटवाया। वह हाथ में लगे पानी चढ़ाने वाला इंट्राकेट भी दिखा रही हैं।वीडियो में कह रही हैं कि कि अस्पताल से यहां अपनी बेटी से मिलने आई हैं। पर उन्हें बाहर निकाल गेट बंद कर दिया गया है। बच्ची की किडनेप करने का आरोप भी लगा रही हैं।वीडियो में कह रही हैं कि भानू प्रताप सिंह से जब उनकी शादी हुई उसके चार साल बाद वे आईपीएस अधिकारी बने। पटना के बाद भानू प्रताप सिंह खगड़िया आ गए और उन्हें छोड़ दिया। यहां घर में घुसने नहीं दे रहे हैं। बेटी से नहीं मिलने दे रहे हैं। वे कह रही हैं- मेरी क्या गलती है, यह कहां का न्याय है। वे रोती-बिलखती हुई न्याय का गुहार लगाती हुई दिख रही हैं।पूजा ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पटना स्थित आईपीएस मेस के एक कमरे में बाहर से ताला लगाकर रखा गया। कमरे के बाहर दो महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। उनका कहना है कि इसका मकसद उन्हें मीडिया के सामने आने से रोकना था।
डिप्रेशन में चली गई थीं, 6 दिन पहले पी लिया था फिनाइल
पूजा के मुताबिक, लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण वह गहरे डिप्रेशन में चली गई थीं। इसी दौरान करीब छह दिन पहले उन्होंने फिनाइल पी लिया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें पटना के आईजीआईएमएस में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ। पूजा का आरोप है कि स्वस्थ होने के बाद वह अपने पति से मिलने उनके पोस्टिंग स्थल स्थित सरकारी आवास पहुंचीं। वहां उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने दावा किया कि उन्हें वहां से वापस भेज दिया गया।
‘अब अपने साथ नहीं रखना चाहते’
पूजा का आरोप है कि उनके पति अब उन्हें अपने साथ नहीं रखना चाहते। उनका कहना है कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। उस समय भानु प्रताप सिंह आईपीएस अधिकारी नहीं थे।
‘शादी के समय जेब में एक रुपया तक नहीं था’
पूजा के मुताबिक, शादी के समय भानु प्रताप सिंह आर्थिक रूप से काफी संघर्ष कर रहे थे। उनके पास पैसे नहीं रहते थे। उन्होंने कहा कि शादी के बाद भानु प्रताप ने कड़ी मेहनत की और करीब चार साल बाद यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बने। पूजा का दावा है कि आज उनके पति अधिकारी बन चुके हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जिंदगी से अलग करना चाहते हैं। पूजा ने यह भी कहा कि उनके पति और परिवार की ओर से उन पर बच्ची को जहर देने की कोशिश का आरोप लगाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
कौन हैं IPS भानु प्रताप सिंह?
भानु प्रताप सिंह बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। उन्होंने हिंदी साहित्य में मास्टर्स किया है। इसी विषय के साथ यूपी पीसीएस और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की। बताया जाता है कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच उन्होंने लगातार तीन बार यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास की।
मुजफ्फरपुर में टाउन ASP रहते हुए मिली पहचान
ट्रेनिंग के बाद भानु प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण पोस्टिंग मुजफ्फरपुर में टाउन एएसपी के तौर पर हुई। इस दौरान उन्होंने सड़क पर गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की। उनके सख्त पुलिसिंग स्टाइल की वजह से उनकी पहचान एक कड़े अधिकारी के रूप में बनी। इसी दौरान उन्हें लेकर ‘लाठीचार्ज एक्सपर्ट’ जैसे नाम भी चर्चा में आए।
बाहुबली के भाई पर कार्रवाई से भी आए चर्चा में
दानापुर में एएसपी रहते हुए भानु प्रताप सिंह कई पुलिस कार्रवाइयों को लेकर चर्चा में रहे। इनमें दिसंबर 2024 की एक कार्रवाई भी शामिल है। इस दौरान बाहुबली विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। बताया गया कि पुलिस के दबाव के बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया। इस कार्रवाई के बाद भानु प्रताप सिंह की सख्त और निडर अधिकारी की छवि और मजबूत हुई।






