काठमांडू: भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद त्रिशुली-3 ‘ए’ जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे दो लोगों को सुरक्षित जीवित बाहर निकाल लिया गया है। नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने विदेशी बचावकर्मियों की मदद से यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।
सुरंग में कैसे फंसे थे दोनों?
काठमांडू निवासी कबीर महर्जन नियमित रखरखाव के काम के सिलसिले में कुलेखानी जलविद्युत परियोजना से त्रिशुली-3 ‘ए’ जलविद्युत परियोजनापहुंचे थे। वहीं, सप्तरी निवासी संजय साह परियोजना के संचालन में शिफ्ट ड्यूटी पर तैनात थे।

बचावकर्मियों के अनुसार, संजय सुरंग के बीच में फंसे हुए मिले। बाहर निकलने की कोशिश के दौरान वह सुरंग के भीतर ही अटक गए थे। संजय मैकेनिकल फोरमैन, जबकि कबीर मैकेनिकल सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे।

सुरंग के अंदर से आई थी इंसानी आवाज
बचाव अभियान के दौरान सुरंग के भीतर से मानवीय आवाज सुनाई देने की सूचना ने रेस्क्यू टीम को बड़ी उम्मीद दी। सांसद श्रीराम नेउपन ने सोशल मीडिया पर बताया था कि बचाव दल को सुरंग के अंदर से इंसानी आवाज सुनाई दी है।
उन्होंने कहा था कि नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की बचाव टीम सुरंग के भीतर प्रवेश कर चुकी है और अभियान को तेज कर दिया गया है।
नेउपन के मुताबिक, सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाज सुनाई दी थी। उन्होंने बताया कि जब बचाव दल ने अंदर फंसे लोगों से कहा, “घबराएं नहीं, हम बचाव कर रहे हैं,” तो अंदर से जवाब आया—“हां।”
इसके बाद बचाव दल ने विदेशी विशेषज्ञों की सहायता से अभियान को आगे बढ़ाया और आखिरकार दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
स्रोत/सौजन्य: इकांतिपुर (eKantipur)




