रांचीः बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर झारखंड पहुंच गया है। इस वजह से रांची सहित राज्यभर में लगातार बारिश हो रही है। इससे नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य के 10 जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान फ्लैश फ्लड की आशंका जताई गई है। फ्लैश फ्लड गाइडेंस के अनुसार, कई जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ का जोखिम है। यह चेतावनी बुधवार तक प्रभावी रहेगी। ऐसे में नदी-नालों के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, फ्लैश फ्लड की आशंका वाले जिलों में गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।
लगातार हो रही बारिश से डैम ओवरफ्लो होने लगे हैं। हालत संभालने के लिए मंगलवार को चांडिल डैम के सभी 13 फाटक खोल दिए गए। वहीं रांची के कांके और गेतलसूद डैम के एक-एक फाटक खोले गए। गेतलसूद से करीब तीन इंच और कांके डैम से पांच इंच पानी बहाया गया। जमशेदपुर में लगातार बारिश से खरकई और सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। हालांकि अब लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। दोनों नदियों के जलस्तर में अब गिरावट शुरू हो गई है। इसके बावजूद नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।

बुधवार सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, खरकई नदी का जलस्तर आदित्यपुर ब्रिज पर 132.85 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर है। यानी खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3.85 मीटर ऊपर है। हालांकि राहत की बात यह है कि नदी का जलस्तर अब नीचे गिर रहा है। इसी तरह सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर मानगो ब्रिज पर सुबह 6 बजे 122.78 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है।यानी सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर है। यहां भी जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है।
पलामू में मोहम्मदगंज और कोसियारा रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर बारिश का पानी पहुंच गया, जिससे ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा। मंगलवार सुबह से ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, रेलवे ने धीमी गति से परिचालन के लिए सावधानी बरतने का निर्देश जारी किया है। एहतियात के तौर पर डाउन लाइन को बंद किया गया है, जांच के बाद उसे खोल दिया जायेगा।
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‘फिलहाल डाउन लाइन को बंद रखा गया है और दूसरी लाइन से परिचालन जारी है। पानी का स्तर कम होने के बाद भी करीब दो घंटे तक डाउन लाइन पर परिचालन बंद रहने की संभावना है। इस स्थिति में रेल अधिकारियों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।’ अजय कुमार, जपला रेलवे ट्रैफिक इंस्पेक्टर।
उन्होंने बताया कि पानी के तेज दबाव के कारण रेलवे ट्रैक से कुछ दूरी पर बना एक तटबंध ढह गया है। बांध टूटने के बाद तेज बहाव के साथ पानी रेलवे ट्रैक की ओर चढ़ गया। जिसके बाद सुरक्षा को देखते हुए डाउन लाइन पर परिचालन रोकने का निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पानी कम होने और ट्रैक की स्थिति सुरक्षित पाए जाने के बाद डाउन लाइन पर परिचालन बहाल किया जायेगा। इस दौरान ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस रेल खंड पर प्रतिदिन लगभग एक सौ मालगाड़ियों का परिचालन होता है। इसके अलावा बरकाकाना, वाराणसी, रांची, सासाराम, रांची इंटरसिटी, रांची से नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, रांची से नई दिल्ली गरीब रथ समेत कई लोकल ट्रेनों का भी परिचालन होता है। यह रूट कोयला ढुलाई का सबसे महत्वपूर्ण रूट माना जाता है।
रांची में 21.7 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान राजधानी में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 21.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में भी 0.2 डिग्री की कमी दर्ज हुई। बारिश के कारण दिनभर मौसम में ठंडक बनी रही। शहर की सड़कों पर पानी और नमी के कारण यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
कांके में सबसे ज्यादा बारिश
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का असर अलग-अलग स्तर पर देखने को मिला। मौसम बुलेटिन के अनुसार कांके में सबसे अधिक 57.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।इसके अलावा डालटनगंज में 22.6, रांची में 21.7, चाईबासा में 19.0 और जमशेदपुर में 6.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं बोकारो में 43.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगले तीन दिन भी बारिश से राहत नहीं, जारी रहेगा मौसम का कहर
मौसम विभाग के रांची केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। मंगलवार को सामान्यतः बादल छाए रहने के साथ मध्यम दर्जे की बारिश रिकॉर्ड की गई है। दो सितंबर को कुछ दौर की बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है। वहीं, तीन सितंबर को भी एक-दो दौर की बारिश अथवा गरज के साथ बौछार होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राजधानी में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुधवार को भी रांची के मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना है।






