दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने सोमवार को दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. अनिल जय हिंद से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच झारखंड की वर्तमान राजनीति, संगठन की स्थिति और ओबीसी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान झारखंड में ओबीसी समाज को राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से मजबूत करने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।


मुलाकात के बाद धीरज प्रसाद साहू ने बताया कि डॉ. अनिल जय हिंद से उनकी आत्मीय मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा में जल्द ही ओबीसी विचार मंच के तत्वावधान में एक बड़ी आमसभा आयोजित की जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आमसभा के आयोजन को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पहले ही अनुमति दी जा चुकी है।धीरज साहू ने कहा कि ओबीसी समाज की समस्याओं, अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा की आवश्यकता है। चंदवा में प्रस्तावित आमसभा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। इसमें ओबीसी समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संगठन स्तर पर तैयारियों को गति दी जा रही है।वहीं, एआईसीसी ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. अनिल जय हिंद ने मुलाकात को लेकर कहा कि धीरज बाबू से उनकी आत्मीय मुलाकात हुई। इस दौरान झारखंड की राजनीति और कांग्रेस संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि झारखंड के चंदवा में ओबीसी विचार मंच की ओर से आयोजित होने वाली आमसभा में शामिल होने के लिए उन्हें निमंत्रण दिया गया है, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है।उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है। समाज के लोगों को एकजुट कर उनके अधिकारों और समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना आवश्यक है। चंदवा में होने वाली आमसभा को इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धीरज प्रसाद साहू और डॉ. अनिल जय हिंद की इस मुलाकात को झारखंड में ओबीसी समाज को लेकर कांग्रेस की सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित आमसभा में ओबीसी समाज से जुड़े मुद्दों के साथ संगठनात्मक एवं राजनीतिक विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर बैठकें और संपर्क अभियान चलाए जाने की संभावना है।




