रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित पेपर लीक मामले में जांच कर रही सीआईडी की 17 सदस्यीय एसआईटी ने अब तक करीब 150 संदिग्धों, अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया और उनका बयान लिया है।
संदिग्धों, अभ्यर्थियों से पूछताछ जारी है और लगातार नए-नए अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया जा रहा है। बयान, छानबीन व उपलब्ध दस्तावेज की जांच के क्रम में ही सीआईडी ने शुक्रवार को चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें शनिवार को सीआईडी ने रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से चारों अभ्यर्थी न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित जेल में भेज दिए गए हैं। ये वही अभ्यर्थी हैं, जो रिश्वत देकर जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में सफल हुए हैं।
कहां के है चारों अभ्यर्थी?
इन अभ्यर्थियों में दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी व आनंद कुमार सिंह शामिल हैं। दीपक कुमार धनबाद के श्यामली होटल नावाडीह के डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट का निवासी है।वहीं, उमेश कुमार राय मूल रूप से बिहार के भेजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के काकिला डयूल का निवासी है और वर्तमान में बोकारो के दुग्दा थाना क्षेत्र के न्यू बीसीसीएल कॉलोनी स्थित क्वार्टर नंबर एम-25/3 रहता था।
तीसरा अभ्यर्थी विजय कुमार तिवारी धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के रोआम धड़कीड़ो का तथा चौथा आरोपित आनंद कुमार सिंह बिहार के छपरा जिले के कोपा थाना क्षेत्र के चतरा गांव का रहने वाला है। आनंद कुमार सिंह वर्तमान में धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र में सुदामडीह रिवरसाइड मार्केट में रहता था।
इससे पूर्व जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में सीआईडी ने जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के भाई अक्षय तिवारी व पत्नी सुषमा कुमारी को भी जेल भेजा था। अभय कुमार तिवारी भी जेपीएससी व जेएसएससी की परीक्षाओं का मास्टरमाइंड है।

गौरतलब है कि जेएसएससी सीजीएल में कथित पेपर लीक मामले में एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में दर्ज कांड की जांच की जांच चल रही है। जांच में उपरोक्त आरोपितों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।सीआईडी की अब तक की छानबीन में यह सामने आ चुका है कि जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में पेपर लीक हुआ था। कई अभ्यर्थियों को दलाल व एजेंट्स ने परीक्षा संचालन एजेंसी की मिलीभगत से रुपये लेकर प्रश्न व उत्तर रटवाया था और उन्हें उक्त परीक्षा में पास कराया था।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के साक्ष्य में फंसे जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक के आरोपित
सीआईडी की छानबीन में अभ्यर्थियों, दलालों, एजेंट्स व परीक्षा संचालन एजेंसी के बीच ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक के आरोपित ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के साक्ष्य में फंसे हैं। इससे संबंधित सबूत सीआईडी को मिले हैं। किसने किसके खाते में कितनी राशि भेजी और किसलिए भेजी, इसके सबूत सीआईडी को मिले हैं।
इसके आधार पर ही अभ्यर्थियों, संदिग्धों से पूछताछ भी चल रही है और उसके आधार पर गिरफ्तारियां भी हाे रही है। अब भी कई अभ्यर्थी व एजेंट सीआईडी के रडार पर हैं, जिनकी तलाश भी जारी है। सीआईडी को पूछताछ में यह सबूत मिल गए हैं कि पैसे लेकर जेएसएससी सीजीएल के प्रश्न पत्र बेचे गए थे और अभ्यर्थियों को उनके उत्तर रटवाए गए थे।
रिमांड पर आईसीएन के दोनों कर्मी, चल रही है पूछताछ
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित पेपर लीक मामले में दिल्ली से पिछले दिनों गिरफ्तार सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार से लगातार दूसरे दिन भी शनिवार को सीआईडी ने रिमांड पर पूछताछ की है।
ये दोनों ही आरोपित जेएसएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी की सहयोगी संस्था आईसीएन के कर्मचारी हैं। वेबेल ने आईसीएन के माध्यम से ही जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा संचालित कराई थी, जिसमें इस संस्था के कर्मचारियों ने कथित पेपर लीक की थी। अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र बेचे गए थे और इससे एजेंसी लाभान्वित भी हुई थी।
सीआईडी को इस एजेंसी व इसके कर्मियों के विरुद्ध पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसकी छानबीन चल रही है। दोनों ही आरोपित पांच दिनों की सीआईडी रिमांड पर हैं।
गिरफ्तार सोमांश प्रकाश मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज थाना क्षेत्र के माडर्न आईटीआईएएस कालेज के समीप असकामिनी नगर का रहने वाला है और वर्तमान में सेंट्रल दिल्ली जिले के बुराड़ी थाना क्षेत्र के हाउस नंबर सी-81, अपर ग्राउंड फ्लोर, पर्वतीय अंचल संत नगर बरारी में रहता था।वहीं, उसका सहयोगी दूसरा आरोपित राहुल कुमार मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के चांदसराय का निवासी है और वर्तमान में सोमांश प्रकाश के साथ ही दिल्ली स्थित उसके उक्त आवास में रहता था।
फरार मिथिलेश सिंह है आईसीएन का संचालक
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का संचालन वेबेल ने जिस आईसीएन एजेंसी को दिया था, उस आइसीएन एजेंसी का संचालक मिथिलेश सिंह है। मिथिलेश सिंह भी बिहार का रहने वाला है और दिल्ली में रहता था। सीआईडी उसके ठिकानों पर पूर्व में कई बार छापेमारी कर चुकी है, लेकिन वह फरार मिला है। जल्द ही सीआईडी उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट लेकर उसकी खोज करेगी।






