रांचीः सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में JPSC की FRO और ACF भर्ती परीक्षा मामले में अहम सुनवाई हुई। फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर(FRO) 2024 और असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट(ACE) भर्ती परीक्षा 2024 मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को काउंटर एफिडेविट दायर करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि इन दोनों परीक्षाओं में फिलहाल नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
प्रार्थियों की ओर से जेएसएससी-सीजीएल, 11वीं से 13वीं जेपीएससी और सीडीपीओ नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक का हवाला देते हुए कहा गया कि इस नियुक्ति प्रक्रिया में भी रोक लगाएं, सरकार नई नियुक्ति का विज्ञापन जारी कर सकती है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति आने पर आप कोर्ट में हस्ताक्षेप याचिका (आईए) दाखिल कर सकते हैं। अदालत ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 24 सितंबर निर्धारित की है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहिय राय ने पक्ष रखा।
उल्लेखनीय है कि CID जांच में मिले तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिसमें TDPL शामिल रहा है। इसके अलावा वर्ष 2014 से हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितता के मद्देनजर जांच कराने की घोषणा भी की गयी थी।
इन घोषणाओं के मद्देनजर कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने परीक्ष रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और जांच कराने से संबंधित अधिसूचना जारी की है। इसमें 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 की प्रक्रिया को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल करने का उल्लेख किया गया है।







