रांचीः राजधानी रांची में धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस और रैली के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य हो गया है। इसको लेकर रविवार को जिला प्रशासन से गाइडलाइन जारी कर दी है। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसको लेकर जानकारी दी है।
प्रायः यह देखा जा रहा है कि विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली एवं आमसभा का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कई बार प्रशासन को पूर्व में आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। ऐसे आयोजनों के कारण विधि-व्यवस्था एवं जन-सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी प्रभावित…
— DC Ranchi (@DC_Ranchi) August 23, 2026

रांची जिला प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह के कार्यक्रम के आयोजन के लिए अनुमंडल पदाधिकारी रांची सदर या बुंडू की ओर से तय प्रक्रिया का पालन करना होगा. आयोजकों को कार्यक्रम से पहले इसकी जानकारी प्रशासन को देनी होगी।
जुलूस और रैली के लिए आयोजकों को प्रस्तावित रूट, कार्यक्रम की तारीख, शुरू होने और खत्म होने का समय और संभावित लोगों की संख्या बतानी होगी। जरूरत पड़ने पर कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों की जानकारी भी प्रशासन को देनी होगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, कई जगहों पर बिना पूर्व सूचना के धरना, प्रदर्शन, जुलूस और रैली आयोजित किए जा रहे हैं। इससे कई बार यातायात प्रभावित होता है और आम लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. साथ ही कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा को लेकर भी समस्या पैदा हो सकती है।
प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना और विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन इसका इस्तेमाल सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात और दूसरे लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार करना जरूरी है।
प्रशासन ने साफ किया कि पहले से अनुमति लेने की व्यवस्था का उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को रोकना नहीं है। इसका मकसद कार्यक्रम में शामिल लोगों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात को बेहतर तरीके से संभालना है।
जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और आम लोगों से अपील की है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए तय नियमों का पालन करें। कार्यक्रम से जुड़ी जरूरी जानकारी समय पर प्रशासन को दें और यातायात तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
प्रशासन ने छात्रों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी कार्यक्रम में शामिल होने से पहले आयोजकों से उसकी अनुमति और प्रशासन की ओर से तय शर्तों की जानकारी जरूर लें। किसी अफवाह या भ्रामक सूचना के आधार पर ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे लोगों को परेशानी हो या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।






