रांचीः खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है। इसी सिलसिले में गुरुवार को मुख्यमंत्री और पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित सोहराय भवन में विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक होगी। इसमें पार्टी के केंद्रीय व जिला पदाधिकारी शामिल होंगे। सभी जिलों के जिलाध्यक्ष, सचिव, संयोजक और महानगर अध्यक्ष के साथ आंदोलन को लेकर मंथन होगा और उसके तारीख की घोषणा की जाएगी। जेएमएम का कहना है कि संशोधन विधेयक से राज्य के आर्थिक अधिकार और राजस्व प्रभावित होंगे, जिससे कल्याणकारी योजनाएं बाधित हो सकती हैं।
इस मामले पर जेएमएम को आजसू का साथ भी मिल गया है। आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशनरेड्डी को पत्र लिखकर इस विधेयक से उत्पन्न संकटों की ओर ध्यान आकृष्टि कराने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि झारखंड के हितों के विरूद्ध लिया गया कोई भी निर्णय झारखंड की जनता स्वीकार नहीं करेगी। सुदेश महतो ने पत्र के माध्यम से कहा है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को मौलिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए झारखंड राज्य को मिनरल बेश्रिंग लैंड सेस की अनुमति दी जाएं। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सुदेश महतो ने उस पत्र को डाला है उसमें कोयला मंत्री , कोयला मंत्रालय के साथ-साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी टैंग किया है।
झारखंड के हितों के विरुद्ध लिया गया कोई भी निर्णय झारखंड की जनता को स्वीकार्य नहीं होगा।
श्री जी. किशन रेड्डी, माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री, भारत सरकार को पत्र लिखकर हमने अनुरोध किया है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को मौलिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए… pic.twitter.com/k9QomYJcIk
— Sudesh Mahto (@SudeshMahtoAJSU) August 19, 2026
खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 12 अगस्त को लोकसभा और 13 अगस्त को राज्यसभा में पारित हो चुका है। इस विधेयक को काला कानून बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पत्र लिख चुके है। सुदेश महतो के पत्र की कॉपी को टैग करते हुए जेएमएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से बीजेपी पर निशाना साधा है और कहा है कि कम से कम भाजपा अपने सहयोगी आजसू का पत्र पठ लेती। झारखंड में छात्र आंदोलन के बाद बाद अब एमएमडीआर बिल को लेकर राजनीति तेज हो रही है। बुधवार को नेता प्रतिपक्ष बाबलाल मरांडी, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, रघुवर दास और अर्जुन मुंडा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और बिल को लेकर झारखंड में हो रही राजनीति और जेएमएम की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। अमित शाह ने झारखंड बीजेपी के नेताओं को इस मामले में डटकर जेएमएम को जवाब देने का निर्देश दिया है।








