पलामू के मुटुर मुसहर हत्याकांड का खुलासा, बदले की आग में हुई थी हत्या, छह आरोपित गिरफ्तार

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August 18, 2026

पलामू के मुटुर मुसहर हत्याकांड का खुलासा, बदले की आग में हुई थी हत्या, छह आरोपित गिरफ्तार

पलामूः मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बीरधवर गांव के रहने वाले 60 वर्षीय मुटुर मुसहर हत्याकांड का राज 11 महीने बाद सामने आया। किसी क्राइम फिल्म की तरह पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाया। वर्ष 2025 में दशहरा के समय नंदन मुसहर की हत्या से शुरू हुआ विवाद बदले की भावना में मुटुर मुसहर की हत्या तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार, एक हत्या का बदला लेने के लिए दूसरी हत्या की गई।
बताया जाता है कि नंदन मुसहर रोजी-रोटी के लिए चेन्नई गया था। इसी दौरान उसकी पत्नी जीतन मुसहरीन का मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बीधवर निवासी संतोष मुसहर से संबंध बन गया और वह संतोष के साथ बीधवर गांव में रहने लगी। दशहरा के समय नंदन जब वापस मोहम्मदगंज आया तो उसे पत्नी के बारे में जानकारी मिली। पत्नी को वापस लाने को लेकर उसने दबाव बनाया।
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि इसके बाद संतोष मुसहर समेत अन्य लोग नंदन को गढ़वा जिले के मंझिआव थाना क्षेत्र के खरसोता गांव के पास ले गए। वहां सभी ने खाना-पीना किया। इसके बाद नंदन की हत्या कर शव को कोयल नदी में बहा देने की बात सामने आई है।नंदन की हत्या की जानकारी उसके पिता दिनेश मुसहर को मिली।आरोप है कि घटना में शामिल लोगों ने दिनेश को धमकी दी कि यदि उसने किसी को इसकी जानकारी दी तो उसके पूरे परिवार की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया जाएगा। बेटे की हत्या और धमकी के बाद दिनेश के मन में बदले की भावना पैदा हुई।
पुलिस ने मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर 15 अगस्त को ही न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर बिहार के डेहरी नगर थाना क्षेत्र में सोन नदी किनारे पाली रोड स्थित श्मशान घाट के पास से मुटुर मुसहर का नर-कंकाल बरामद किया गया है। जांच में हत्या के पीछे वर्ष 2025 में हुई नंदन मुसहर की हत्या का बदला लेने की बात सामने आई है। इसी मामले की कड़ी में पुलिस ने नंदन मुसहर हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों संतोष मुसहर और धर्मेंद्र मुसहर को भी गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
नंदन की हत्या का बदला लेने के लिए मुटुर की हत्या
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में दशहरा के दौरान नंदन मुसहर की हत्या कर उसके शव को कोयल नदी के बहते पानी में फेंक दिया गया था। इस घटना से आहत नंदन के पिता दिनेश मुसहर और अन्य आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई। इसी के तहत मुटुर मुसहर का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई।मुटुर मुसहर हत्याकांड में दिनेश मुसहर, विकास मुसहर, गोविंद मुसहर और प्रभु मुसहर, सभी निवासी औरंगाबाद (बिहार), को पुलिस गिरफ्तार कर 15 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
सोन नदी किनारे मिला नर-कंकाल
मुटुर मुसहर के अपहरण और हत्या को लेकर मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 31/2026, दिनांक 10 अगस्त 2026 को बीएनएस की धारा 104(1)/61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पलामू एसपी के निर्देश पर हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर झारखंड के अलावा बिहार के औरंगाबाद और रोहतास जिले में लगातार छापेमारी की गई। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर डेहरी नगर थाना क्षेत्र के पाली रोड स्थित श्मशान घाट के पास सोन नदी किनारे से नर-कंकाल बरामद किया। बरामद नर-कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सासाराम भेजा गया है।
नंदन हत्याकांड में दो और गिरफ्तार
पुलिस ने नंदन मुसहर हत्याकांड को लेकर मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 33/2026, दिनांक 17 अगस्त 2026 को बीएनएस की धारा 140(1), 61(2)(ए) और 130(1) के तहत मामला दर्ज किया था। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने बीरधवर गांव निवासी संतोष मुसहर और धर्मेंद्र मुसहर को गिरफ्तार किया। दोनों को मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन, अनुसंधानकर्ता मनोज मुंडा, देवरी ओपी प्रभारी राजू गुप्ता, लठेया पिकेट प्रभारी मुकेश कुमार सिंह सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

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