लातेहारः डेढ़टंगवा घाटी पर शनिवार 15 अगस्त को हुए भीषण हादसे के बाद लातेहार उपायुक्त ने लोहरदगा डीसी को चिट्ठी लिख कर भारी वाहनों के प्रवेश पर कार्रवाई करने की मांग की है । लातेहार डीसी ने लिखा है कि

“चंदवा-लुकुईया मोड़-चांपी-लोहरदगा मार्ग काफी संकरी, घुमावदार व कई स्थानों पर खतरनाक ढलान एवं चढ़ाई होने के कारण भारी वाहनों के परिचालन में काफी कठिनाई होती है। लोहरदगा से आने के क्रम में तीव्र ढलान पर कई बार भारी वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं, जिस कारण भीषण सड़क हादसे होते रहते हैं, जिसमें कई लोगों की असामयिक मृत्यु हो रही है तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। विदित हो कि दिनांक 15.08.2026 को उक्त मार्ग के डेढ़टंगवा में ऑटो एवं मोटरसाइकिल से हुई टक्कर के कारण छः लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।


भविष्य में दुर्घटनाओं की लगातार पुनरावृत्ति को रोकने एवं सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से चंदवा-लुकुईया मोड़-चांपी-लोहरदगा मार्ग पर भारी वाहनों के सुगम परिचालन होने तक वैकल्पिक मार्ग से परिचालन किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।

अतः अनुरोध है कि नियमानुसार चंदवा-लुकुईया मोड़-चांपी-लोहरदगा मार्ग से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाते हुए वैकल्पिक मार्ग चंदवा-मुड़ू-लोहरदगा से परिचालन कराने की कृपा की जाए।”
हादसे में लातेहार जिले के कोढांस-सासंग निवासी असजद हुसैन (7) और उसकी मां अफसरी खातून, कुरबान अंसारी, लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती निवासी रकीब खान तथा चंदवा प्रखंड के हेस्वे-सेन्हा निवासी बिनोद उरांव की मौत हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी पहचान कराने का प्रयास कर रही है। स्थानीय नेता अयुब खान ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने डेढ़टंगवा घाटी में लगातार हो रहे हादसों को लेकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और डिजाइन पर गंभीर सवाल उठाए।
घटनास्थल से 25 किलोमीटर दूर कुड़ू में ट्रॉमा सेंटर बना तो है लेकिन वर्षों से बंद पड़ा है । इसे भी लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं । बताया जा रहा है कि ट्रॉमा सेंटर वर्षों से बंद पड़ा है और हादसे के बाद इलाज के लिए रांची जाना पड़ता है ।
गौरतलब है कि चंदवा-चांपी-लोहरदगा मार्ग की डेढ़टंगवा घाटी में शनिवार शाम करीब पांच बजे हुए भीषण सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले टेंपो और फिर मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि टेंपो और बाइक सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही जान चली गई। हादसे में सात वर्षीय मासूम बच्चा भी शामिल था। दुर्घटना के बाद घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक चीख-पुकार मच गई। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।






