JPSC परीक्षा गड़बड़ी: सात आरोपितों की तलाश में CID की कई जिलों में दबिश

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August 13, 2026

जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक: अभ्यर्थियों को कोलकाता में प्रश्न-उत्तर रटवाने वाले पटना और छपरा के दो एजेंट CID रिमांड पर

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने मामले में वांछित सात आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई जिलों में छापेमारी और तलाश अभियान चलाया है।CID के अनुसार, आदित्य पांडेय, पवन कुमार सिंह, रविशंकर कुमार, संतोष कुमार सिंह, सानंद प्रकाश, लालू कुमार यादव और सौरभ कुमार पांडेय की तलाश के लिए CID की टीम ने विभिन्न जिलों में छापेमारी किया गया है।

इन आरोपितों में रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के पेप्सी ग्राउंड का रहने वाला आदित्य पांडेय, रांची के ही टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के हरिनगर का रहने वाला पवन कुमार सिंह, पलामू के टाउन थाना क्षेत्र का रहने वाला रवि शंकर कुमार, पलामू के ही टाउन थाना क्षेत्र के हमीदगंज का निवासी संतोष कुमार सिंह शामिल है।

बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-3 का निवासी सानंद प्रकाश, हजारीबाग जिले के सदर थाना क्षेत्र के कोर्रा का रहने वाला लालू कुमार यादव व गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हथगर का रहने वाला सौरभ कुमार पांडेय भी इनमें शामिल है। सीआईडी ने रांची स्थित सीआइडी की विशेष अदालत से इनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट ले लिया है।इन आरोपितों की तलाश में सीआईडी की छापेमारी जारी है। गौरतलब है कि जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 में सीआइडी ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से अब तक इस मामले में 21 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं।

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गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ, छानबीन में मिले दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य में उपरोक्त सभी सातों आरोपितों के नाम सामने आए हैं, जिसके बाद सीआईडी ने इनकी तलाश तेज कर दी है। आरोपितों की तलाश में संबंधित जिलों व इससे जुड़े ठिकानों पर सीआइडी की टीम जमी है और उनकी तलाश कर रही है।जिनकी तलाश चल रही है उनमें कुछ कोचिंग संचालक व बिचौलिए हैं। सभी जेपीएससी की परीक्षाओं में एजेंट की भूमिका में थे और अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनकी जेपीएससी में सेटिंग कराते थे।सेटिंग कराने में परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, इनके करीबी बिचौलिए व इनके सिंडिकेट के सभी सदस्य शामिल थे।

OMR की कार्बन कॉपी का मिलान, जांच आगे बढ़ी
जांच के क्रम में प्राप्त OMR कार्बन कॉपी के मिलान और स्क्रूटनी की प्रक्रिया CID की गठित टीम ने शुरू कर दी है। जांच एजेंसी साक्ष्यों के संकलन के साथ परीक्षा में कथित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।CID ने स्पष्ट किया है कि मामले का अनुसंधान लगातार जारी है।

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