रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अधीन संचालित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 454 अभ्यर्थियों ने अब तक सीआईडी को अपनी ओएमआर शीट की कॉपी नहीं भेजी है।इस परीक्षा में कुल 2204 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे, जिनमें सिर्फ 1,750 ने ही सीआईडी को ओएमआर शीट भेजी है। अब सीआईडी ओएमआर शीट नहीं भेजने वाले अभ्यर्थियों का डेटा जुटा रही है और उन्हें संदिग्ध मानकर पूरे मामले की जांच कर रही है।सीआईडी ऐसे अभ्यर्थियों को समन करेगी और उनसे पूछताछ करेगी। जांच में दोषी मिलने पर ऐसे अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी भी होगी। सीआईडी ने प्रथम दृष्ट्या यह माना है कि ओएमआर शीट नहीं देने वाले अभ्यर्थियों ने सेटिंग से परीक्षा पास की है।उनके ओएमआर शीट में हेराफेरी कर अंक बढ़ाया गया है, यही वजह है कि वे अपनी ओएमआर शीट की कॉपी सीआईडी को नहीं दे रहे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ने वाली है।
गौरतलब है कि सीआईडी ने सभी सफल अभ्यर्थियों से सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से सहयोग मांगा था। सीआईडी ने सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से अभ्यर्थियों से 30 जुलाई 2026 से सात अगस्त 2026 के बीच पेपर-1 व पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी की पीडीएफ बनाकर या फोटो खींचकर सीआईडी को भेजने का अनुरोध किया था। इसके लिए सीआईडी ने वाट्सएप नंबर 9934309058 और ईमेल आइडी कंप्लेनजेपीएससी-सीआईडी एट द रेट जेएचपुलिस डाट जीओवी डाट इन भी जारी किया था।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की भी जांच में जुटी है सीआईडी, मांगा अभ्यर्थियों से सहयोग
जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में छानबीन के क्रम में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अनियमितता का भी खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के अभ्यर्थियों से भी सहयोग मांगा है कि उनके पास परीक्षा से संबंधित जो साक्ष्य हैं, उसे सीआईडी को उपलब्ध कराएं।इसके लिए सीआईडी ने वाट्सएप नंबर 9934309058 व ईमेल आइडी कंप्लेनजेपीएससी-सीआईडी एट द रेट जेएचपुलिस डाट जीओवी डाट इन भी जारी किया है। इसपर अभ्यर्थियों से वीडियो, फोटो व अन्य डिजिटल साक्ष्य मांगा गया है। सूचना देने वालों की गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी।








