रांचीः 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्र सोमवार को विधानसभा घेराव कर रहे है। इसको लेकर प्रशासन और छात्रों की ओर से अपनी-अपनी तैयारी की गई है। पहली बार कटीले तारों से विधानसभा के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। पुराना विधानसभा से नया विधानसभा के बीच पूरा इलाका छावनी में तब्दील है। धुर्वा इलाके के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है और इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। मार्च सुबह 10:30 से 11:00 बजे के बीच पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक ढंग से शुरू होगाइसी वजह से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को उनके आवास पर ‘नजरबंद’ कर दिया गया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने इसे सरकार की दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए तीखा हमला बोला है।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: JPSC-JSCC aspirants' protest | Student leader Ravindra Paswan says, "A march to the Vidhan Sabha and a gherao will be conducted in a peaceful and constitutional manner. Students will start gathering there at 9:00 AM. The march will commence between… https://t.co/zdsGd3bu6X pic.twitter.com/XnYYOHeCwU
— ANI (@ANI) August 10, 2026
'विपक्ष की आवाज' दबाने की कोशिश
अमर बाउरी ने कहा कि आदित्य साहू को 'नजरबंद' करना 'शर्मनाक' है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डर और घबराहट में 'विपक्ष की आवाज' को दबाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का पहरा बिठा देने से सरकार की मंशा कामयाब नहीं होगी और इस तरह की कार्रवाई से भाजपा डरने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी दबाव या पुलिसिया कार्रवाई से रुकने वाला नहीं है। सरकार चाहे जितनी कोशिश कर लें, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव में बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे। अमर बाउरी ने राज्य सरकार से छात्रों की मांगों को पूरा करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को दमन की जगह बातचीत से समाधान का रास्ता निकालना चाहिए।
'अब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन, आगे भी जारी रहे'- DGP
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, “छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल हों, क्योंकि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी उनके प्रदर्शन में उन्होंने अनुशासन बनाए रखा है।
एडीजी ने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए। वहीं, एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं।
JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा, CID जांच तेज
आंदोलन के बीच JPSC की सदस्य अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। CID द्वारा पूछताछ के लिए समन भेजे जाने के बाद ये कदम उठाया गया। इससे पहले 22 जुलाई को अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने इस्तीफा दिया था। मामले में अब तक 19 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।






