JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PIL, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 8, 2026

JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PIL, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से इस मामले में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। यह मामला ऐसे समय सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जब झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।
याचिका सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में डायरी नंबर 47998/2026 के तहत दर्ज है। इसमें 19 अप्रैल 2026 को हुई प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की गई है। याचिका में खास तौर पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, OMR शीट की कस्टडी और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की गई। याचिकाकर्ता ने जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंपने या सुप्रीम कोर्ट या झारखंड से बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र कमेटी गठित करने की मांग की है।
OMR शीट वायरल होने के बाद उठा विवाद
याचिका के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद एक सफल अभ्यर्थी की OMR उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी कथित तौर पर वायरल हुई। इसमें आरोप लगाया गया कि अभ्यर्थी ने पहले पेपर में 100 में से केवल 48 सवालों के जवाब दिए थे, फिर भी उसे सफल घोषित किया गया। याचिका में कहा गया है कि JPSC ने खुद एक आधिकारिक नोटिस के जरिए यह बताया था कि मामले में CID जांच चल रही है। इस संबंध में CID केस नंबर 16/2026 दर्ज है। आयोग ने सफल अभ्यर्थियों से 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच पेपर-1 और पेपर-2 की OMR कार्बन कॉपी जमा करने को भी कहा था।
CBI जांच और स्वतंत्र समिति के गठन की मांग
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से JPSC की 19 अप्रैल को हुई प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर नई परीक्षा कराने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके अलावा CBI को मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष, व्यापक और समयबद्ध जांच सौंपने की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश या झारखंड के बाहर के किसी हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित की जाए।इस समिति में फोरेंसिक साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी, परीक्षा सुरक्षा, OMR मूल्यांकन, साइबर सुरक्षा और लोक प्रशासन के विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की गई है।
OMR और परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
याचिका में OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने वाली प्रणालियों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही मूल OMR शीट, अभ्यर्थियों की कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी, उपस्थिति पत्रक, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, डिस्पैच रजिस्टर, परीक्षा केंद्रों की रिपोर्ट, स्कैनिंग रिकॉर्ड, मूल्यांकन डेटा और रिजल्ट तैयार करने से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की गई है।याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि जांच एजेंसी या स्वतंत्र समिति यह निर्धारित करे कि उपलब्ध वस्तुनिष्ठ और सत्यापन योग्य साक्ष्यों के आधार पर कथित तौर पर प्रभावित और निष्पक्ष अभ्यर्थियों को अलग-अलग चिन्हित किया जा सकता है या नहीं।
रांची में जारी है छात्रों का आंदोलन
याचिका में JPSC परीक्षा को लेकर रांची में चल रहे छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया गया है। याचिका के अनुसार, छात्रों का विरोध प्रदर्शन 25 जुलाई से बापू वाटिका में शुरू हुआ था और बाद में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी रहा। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 3 अगस्त से अनशन पर हैं और स्वतंत्र जांच तथा भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।

See also  हिजबुल्लाह ने इजरायल पर दागी 135 मिसाइलें, जवाब में लेबनान भी दहला; 120 ठिकाने तबाह
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now