लोहरदगा : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की सतर्कता से लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया गया। आरपीएफ और एएचटीयू के संयुक्त अभियान के दौरान चार नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर नौकरी दिलाने के बहाने झारखंड से तमिलनाडु ले जाने की तैयारी कर रहे एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया। साथ्ज्ञ ही सभी नाबालिगों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बताया जाता है कि आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग नाबालिग लड़कियों को रोजगार का झांसा देकर झारखंड राज्य से बाहर ले जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ और एएचटीयू की संयुक्त टीम ने लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध यात्रियों की जांच शुरू की। इसी दौरान चार किशोरियों के साथ यात्रा कर रहे एक पुरुष और एक महिला से पूछताछ की गई। पूछताछ में उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले, जिसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी नंदकुमार वी (47 वर्ष) तथा गुमला जिले के विशुनपुर थाना क्षेत्र निवासी विनीता कुमारी (28 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे लड़कियों को काम दिलाने के नाम पर तमिलनाडु ले जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि चारों नाबालिगों सामान्य टिकट के सहारे यात्रा कराने की योजना थी, इनके लिए कोई आरक्षित रेल टिकट नहीं लिया गया था। मानव तस्करों से मुक्त कराई गई चारों लड़कियां गुमला जिले की रहने वाली है और सभी की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों के विरुद्ध मानव तस्करी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें एएचटीयू थाना, लोहरदगा को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।






