रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों के साथ बुधवार को श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में गड़बड़ी को लेकर स्पष्ट तौर पर कहा कि इस मामले में कोई भी दोषी हो, कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, बचेगा नहीं।
उन्होंने इतना तक कहा कि जांच एजेंसी को पूरी छूट दी गई है कि इस प्रकरण में किसी को भी छोड़ा न जाए। अगर उनके घर में भी कोई शामिल है, तो एजेंसी उसपर कार्रवाई करे।
इसकी जानकारी देते हुए कांग्रेस कोटे से मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि मुख्यमंत्री की बातों का विधायकों ने एकमत होकर स्वागत किया। बैठक में सत्ताधारी गठबंधन के सभी मंत्री और विधायक मौजूद थे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष विशेष तौर पर बैठक में पहुंचे थे।
#WATCH रांची, झारखंड: छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल ने कहा, "...झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों के खिलाफ CID को तैनात किया था और CID ने उनके खिलाफ कार्रवाई भी की। छापेमारी के दौरान गिरफ्तारियां भी हुईं। अभी हम प्रदर्शनकारियों… pic.twitter.com/EB0gk486EJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 5, 2026
इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोेन ने भी आंदोलन खत्म करने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। सीएम ने छात्रों से बातचीत के लिए बुधवार को चार मंत्रियों को कमेटी बनाई। इसमें उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर इन मंत्रियों के साथ बैठक की। इसमें छात्रों से बातचीत पर चर्चा हुई। फिर छात्रों को बातचीत का बुलावा भेजा गया। मुख्यमंत्री की वार्ता का संदेश लेकर सदर एसडीओ कुमार रजत और लाॅ एंड आॅडर धनंजय कुमार दोपहर करीब 3.30 बजे जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे। जेपीएससी-जेएसएससी रिफाॅर्म मंच के आंदोलनरत छात्रों को सीएम का संदेश सुनाया। बताया कि सीएम छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता को तैयार हैं। लेकिन छात्रों ने बंद कमरे में बातचीत से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि बातचीत सार्वजनिक मंच पर होगी।






