गुमला : जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के बड़काडीह गांव में अंत्येष्टि स्थल पर कथित रूप से मड़वा गाड़ने की घटना को लेकर ग्रामीणों और एक महिला के बीच विवाद खड़ा हो गया। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष घाघरा थाना पहुंचे, जहां पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। बताया जाता है कि 28 जुलाई को सड़क दुर्घटना में बड़काडीह गांव के मंगरा उरांव और चरकु उरांव की मौत हो गई थी। सामाजिक परंपरा के अनुसार दोनों का अंतिम संस्कार गांव की सीमा स्थित अंत्येष्टि स्थल पर किया गया था। इसके कुछ दिन बाद उसी स्थान पर गांव की धनमुनि भगताइन समेत कुछ महिलाओं द्वारा मड़वा गाड़ने और वहां भोजन बनाने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय परंपरा में मड़वा गाड़ने की रस्म शुभ अवसरों, विशेषकर विवाह से जुड़ी मानी जाती है। उनका आरोप है कि दफन स्थल पर इस तरह की रस्म निभाने से सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुंची है। इसी मुद्दे को लेकर कुछ ग्रामीण धनमुनि भगताइन के घर पहुंचे और उनसे इसका कारण पूछा। उन्होंने परंपरा के अनुरूप स्थिति बहाल करने की मांग भी की। दूसरी ओर, धनमुनि भगताइन ने कुछ ग्रामीणों पर दबाव बनाने और विवाद करने का आरोप लगाते हुए घाघरा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर उनकी बातें सुनी। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी थाना पहुंचे, जहां काफी देर तक बातचीत हुई। घाघरा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाते हुए विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया। पुलिस ने लोगों से अफवाहों और अंधविश्वास से दूर रहने तथा किसी भी विवाद का समाधान संवाद और कानून के दायरे में रहकर करने की अपील की। मामले में घाघरा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि फिलहाल दोनों पक्षों को समझाकर घर भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गांव का माहौल बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






