रांचीः झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के लगातार दवाब के बीच राज्य के 18 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिये हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें एक करोड़ के इनामी शीर्ष नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा का करीबी बॉडीगार्ड बताया जाने वाला शनिचरवा भी है। उसने डेढ़ दर्जन साथियों के साथ एके-47 सहित सरेंडर किया है। इनमें 12 से अधिक बड़े हथियार शामिल हैं। हालांकि इस आत्मसर्मण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
पुलिस और सुरक्षा बलों के चौतरफा घेराबंदी और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के प्रभाव में आकर माओवादी लगातार मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसी क्रम में 28 जुलाई को एक बार फिर 18 कुख्यात माओवादी सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर अपने हथियार डालेंगे। इस आत्मसमर्पण करने वाले समूह पर कुल 60 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें सबसे प्रमुख चेहरा 15 लाख रुपये का इनामी रिजनल कमांडर संतोष उर्फ गांधी है। 10-10 लाख के तीन और पांच-पांच लाख के तीन इनामी भी शामिलइसके साथ ही 10-10 लाख रुपये के इनामी तीन जोनल कमांडर, पांच-पांच लाख रुपये के तीन सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और संगठन के तीन निचले दस्ता कैडर भी मुख्यधारा में सम्मिलित होंगे।


