लोहरदगा : नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर संचालित आवासीय विद्यालयों और इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय हजारीबाग में कक्षा छह के नामांकन के लिए शुक्रवार को लोहरदगा के बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित प्रवेश परीक्षा के दौरान कथित फर्जी नामांकन का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और उनके विद्यालयीय नामांकन के दस्तावेजों में सामने आई विसंगतियों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। अब इस मामले में विभागीय जांच की मांग तेज हो गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र में कुडू प्रखंड के जीमा मध्य विद्यालय का नाम दर्ज है, जबकि संबंधित बच्चों ने कक्षा पांचवीं की पढ़ाई वहां से नहीं की थी। इतना ही नहीं, कुछ अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में जिस विद्यालय का उल्लेख है, वहां उनके नियमित नामांकन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मई-जून में नामांकन, जुलाई में परीक्षा
जानकारी के अनुसार, प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 मई 2026 से शुरू होकर 30 जून तक चली थी, जबकि परीक्षा 24 जुलाई को आयोजित हुई। इसी बीच संबंधित बच्चों का नामांकन मई अथवा जून में जीमा मध्य विद्यालय में कराया गया और उसी अवधि से उनकी उपस्थिति भी दर्ज की जाने लगी। परीक्षा से महज एक से डेढ़ महीने पहले हुए इन नामांकनों ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ बच्चों का नाम केवल प्रवेश परीक्षा में शामिल कराने के उद्देश्य से विद्यालय में दर्ज किया गया। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह न केवल प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करेगा, बल्कि स्थानीय मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों के अवसरों को भी प्रभावित करेगा।
दूसरे जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने बढ़ाया संदेह
परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद कई अभिभावकों ने बताया कि वे बालूमाथ, चतरा, रांची, सिसई, कालेबिरा और लातेहार सहित अन्य क्षेत्रों से आए हैं। कई परिवार परीक्षा से एक दिन पहले ही लोहरदगा पहुंचकर होटलों में ठहरे थे। इससे यह आशंका और मजबूत हुई कि सुनियोजित तरीके से बाहरी बच्चों का नामांकन कर उन्हें परीक्षा में शामिल कराया गया हो। हालांकि, केवल दूसरे जिलों से अभ्यर्थियों का परीक्षा में शामिल होना अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं है। विवाद का केंद्र उन मामलों को माना जा रहा है, जिनमें परीक्षा से ठीक पहले विद्यालय परिवर्तन या नामांकन की प्रक्रिया अपनाई गई।
पिछले वर्ष भी सामने आया था ऐसा मामला
पिछले वर्ष नेतरहाट आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के दौरान भी इसी तरह के नामांकन विवाद सामने आए थे। ऐसे में इस बार भी मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में क्या कहते है अधिकारी
जीमा मध्य विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सुशीला तिर्की ने कहा कि संबंधित बच्चों का विद्यालय में नामांकन है। फिलहाल वह साइकिल वितरण कार्यक्रम में व्यस्त हैं, इसलिए विस्तृत जानकारी बाद में उपलब्ध करा सकेंगी।
वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार ने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी छात्र का नामांकन या आवेदन नियमों के विपरीत किया गया है, तो पूरे मामले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को भेजा जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब इस पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग की जांच और उसके निष्कर्ष पर सभी की निगाहें टिकी हैं।


