डेस्कः नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर मंगलवार को बैठ गए। नेता विपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री आवास के निकट ही धरने पर बैठे। कांग्रेस के धरने को खत्म करने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। जितेंद्र सिंह धरना खत्म करने को लेकर कांग्रेस नेता को मनाने पहुंचे लेकिन बात नहीं बनीं।

राहुल गांधी के अपील पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पीएम आवास के बाहर धरने में शामिल होने पहुंचे। इसके बाद शाम करीब सात बजे पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया और बस में बैठाकर ले गई।LKM के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, “मुझे ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी आदि अकस्मात धरने पर जा बैठे हैं। ये भी बताया गया कि वो स्थान धरने के लिए अनुकूल नहीं है। जन साधारण को बहुत असुविधा हो रही है। सरकार ने फैसला किया कि मैं और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव इन नेताओं से मिलें। हम ये सोचकर गए थे कि विनम्रता से अपनी बात रखेंगे कि अगर सरकार से चर्चा कर ली जाए तो ज्यादा बेहतर है। वहां पहुंचने पर राहुल गांधी ने ये आग्रह किया कि यदि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है, NEET और उसके साथ संबंधित शिक्षा विषयों को लेकर तो वे तुरंत अपना धरना समाप्त कर देंगे? मैंने ये बात उनसे 2-3 बार पूछी। केंद्रीय गृह सचिव ने भी पूछा कि अगर आपको आश्वासन मिले तो क्या आप धरना खत्म कर देंगे?… हमें ये कहा गया कि उन्हें आश्वासन दें कि सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। जब हमने राहुल गांधी के पास बात दोबारा रखी तो उन्होंने कहा कि मुझे तो शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी चाहिए…हमने कहा कि आप अपनी बात से हट रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ये मेरी मर्जी है मेरी मांगे बदल चुकी है।”
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोक कल्याण मार्ग पहुंचे और यहां कांग्रेस के चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात की। pic.twitter.com/X2MGVO4z1i
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 21, 2026
प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, दीपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।धरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं। सरकार न तो इसकी कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर कोई बहस करना चाहती है।भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।राहुल गांधी ने देश के लोगों को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने में शामिल होने की अपील की है।लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। पीएम मोदी को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे। वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए-प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने में हमारे साथ शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

इससे पहले राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश का छात्र कह रहा है, हमारा कोई भविष्य नहीं रह गया है। लेकिन इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं हमारी कुर्सी नहीं जाएगी। राहुल ने कहा कि जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए – वहां न्याय है ही नहीं। राहुल ने कहा कि सरकार जिम्मेदारी नहीं लेना चाहती है। जबकि पीएम मोदी को दोनों सदनों में इस बात रखनी चाहिए. लेकिन सरकार जिम्मेदारी नहीं ले रही है।
प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था हो चुकी बर्बाद
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के लिए कोई अवसर नहीं हैं और उनके लिए सभी रास्ते बंद हो गए हैं। एक समय प्रतियोगी परीक्षाओं का रास्ता खुला था, लेकिन वह व्यवस्था भी बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायतें सिर्फ शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके भविष्य से भी जुड़ी हैं।
कुछ बड़े कारोबारियों का शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा
राहुल गांधी ने कहा कि, छात्रों को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह से कुछ बड़े कारोबारियों और एक संस्था का कब्जा हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और सिर्फ शिक्षा के दायरे से कहीं आगे की बात है। पूरे भारत में छात्र कह रहे हैं कि देश में उनका कोई भविष्य नहीं है। यह एक जायज चिंता है. जिस पर सरकार को सामने आकर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने सांकेतिक रूप से हथकड़ी लगाई
प्रदर्शन के दौरान खरगे, राहुल समेत कई कांग्रेस नेताओं ने सांकेतिक रूप से हथकड़ी लगाई है। इस बीच राहुल गांधी से पुलिस बात कर रही है।इस दौरान सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई कांग्रेसी नेताओं को पुलिस हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब राहुल गांधी से धरना खत्म किए जाने की बात कर रही है. पुलिस ने धरना स्थल के पास दो बसों को लगाया है। माना जा रहा है कि पुलिस अब सभी कांग्रेसियों को हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। करीब एक घंटे बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरनास्थल पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी नेताओं से मिलने पहुंचे हैं।केंद्रीय मंत्री अब राहुल गांधी से बात कर रहे हैं।


