– आठ सूत्री मांग-पत्र सौंपकर उठाए आरक्षण, सीएनटी-एसपीटी, छात्रावास और जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को अनुशंसा भेजने का चंद्रवंशी समाज के प्रतिनिधिमंडल का दिया भरोसा
रांची : अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा, झारखंड प्रदेश और चंद्रवंशी रवानी क्षत्रिय महासभा केंद्रीय समिति के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से राजभवन में मुलाकात कर चंद्रवंशी समाज की विभिन्न समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष किशोर कुमार वर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने समाज से जुड़े मुद्दों पर आठ सूत्री मांग-पत्र सौंपते हुए राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम वर्मा, राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्ष सलोनी, केंद्रीय समिति के राष्ट्रीय संयोजक रविंद्र वर्मा और बजरंग वर्मा भी शामिल थे। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर उचित स्तर पर विचार के लिए अपनी अनुशंसा के साथ मुख्यमंत्री के पास भेजी जाएगी।

आरक्षण से वंचित रहना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत : केके वर्मा
प्रदेश अध्यक्ष केके वर्मा ने कहा कि झारखंड के रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां सहित आठ जिलों में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण शून्य होने से विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार में बराबरी का अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछड़े वर्ग की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत है।
सीएनटी-एसपीटी कानून में समान अधिकार देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि चंद्रवंशी (कहार-रवानी) समाज सीएनटी-एसपीटी एक्ट के दायरे में आने के बावजूद उसे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह समान अधिकार और सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि या तो सीएनटी-एसपीटी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी जातियों को समान अधिकार दिए जाएं या फिर चंद्रवंशी समाज को इस व्यवस्था से अलग किया जाए।
छात्रावास, आयोग में प्रतिनिधित्व और अलग मंत्रालय की भी मांग
मांग-पत्र में रांची में सीएनटी-एसपीटी क्षेत्र के पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण, पिछड़ा वर्ग आयोग एवं अन्य सरकारी आयोगों में चंद्रवंशी समाज को प्रतिनिधित्व देने तथा पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय के गठन की मांग भी शामिल है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि खतियानी जमीन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं और युवाओं को शिक्षा, रोजगार तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


