रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों में से एक सीट पर मिली हार को महागठबंधन पचा नहीं पा रही है। एक तरफ कांग्रेस अपने सहयोगी दल आरजेडी और माले पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा रही है तो वहीं दूसरी ओर जेएमएम इस हार को लेकर समीक्षा की बात कह रही है। जेएमएम के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने बयान जारी कर गठबंधन में हार की समीक्षा करने की बात कहते हुए भविष्य में ऐसा फिर न हो इसको लेकर तैयारी की बात कह रहे है। कांग्रेस प्रभारी के राजू ने आरजेडी और माले पर हार का ठीकरा फोड़ा तो आरजेडी ने खुद कांग्रेस को आत्ममंथन करने की बातें कहीं और माले ने तो कांग्रेस के आरोपों को पूरी तौर पर खारिज कर दिया।
महागठबंधन में हो रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच गठबंधन के सबसे बड़े घटन दल झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से बयान जारी कर इसकी समीक्षा करने की बातें कही गई। जेएमएम केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने बयान जारी कर कहा कि राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार के बाद झामुमो ने कहा है कि उसके सभी विधायक एकजुट रहे और गठबंधन की रणनीति के अनुसार मतदान किया।
झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि पार्टी के सभी 34 विधायकों ने शत-प्रतिशत मतदान किया और गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों के पक्ष में वोट दिया। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पार्टी एजेंट के रूप में पूरे मतदान के दौरान मतदान केंद्र में मौजूद थे और मतदान प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थे।
विनोद पांडेय ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी ने चुनाव से पहले गठबंधन दलों की कई बैठकें की थीं। मतदान को लेकर रणनीति बनाई गई थी और विधायकों को प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए अभ्यास (मॉक ड्रिल) भी कराया गया था।
उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के बावजूद गठबंधन के एक प्रत्याशी का चुनाव हार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।महासचिव पांडेय के अनुसार, राज्यसभा चुनाव परिणाम की महागठबंधन में समीक्षा की जाएगी और यह देखा जाएगा कि किन कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका। ताकि, भविष्य में ऐसी कमियों को दूर किया जा सके और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई में इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।







