रांची : आरएसएस कार्यालय पर बम से हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपित सैफ के पुलिस गाड़ी से फरार होने और फिर पुलिस मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्त में आने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद सैफ और उसके साथी अमन को हाजत में बंद किया गया था। इसी दौरान सैफ पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया और मांडर की ओर भाग निकला। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमों ने उसकी तलाश शुरू की और मांडर टोल प्लाजा के पास उसे पकड़ लिया गया। पुलिस उसे वापस लेकर रांची लौट रही थी, तभी रास्ते में पुलिस वाहन खराब हो गया। जिसके बाद पुलिस का दावा है कि मौके का फायदा उठाकर सैफ ने एक पुलिस जवान की पिस्टल छीन ली और भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सैफ के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपित को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां पर उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस की विशेष निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।

दुबई में आतंकी संगठन से बना था संपर्क, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक सैफ और अमन दोनों दुबई में काम करते थे। दोनों करीब एक माह पूर्व वहां से भारत लौटे थे। वहीं रहने के दौरान उनका संपर्क कथित रूप से आतंकी संगठनों से हुआ था। आरएसएस कार्यालय पर हमले के पीछे की साजिश, उद्देश्य और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपितों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना है।







